एक बार अब्राहम लिंकन के मित्र ने उनसे उनके धार्मिक विचार जानने चाहे, जब मैं कुछ अच्छा करता हूं तो अच्छा अनुभव करता हूं और जब मैं कुछ बुरा करता हूं तो बुरा अनुभव करता हूं यही मेरा धर्म है यह शब्द थे अमेरिका के 16वें और सबसे महान राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के।

200 से ज्यादा वर्ष हो गए हैं उनके जन्म को लेकिन आज भी अमेरिका के राष्ट्रपति का जिक्र हो तो सबसे पहले अब्राहम लिंकन (Abraham Linkan) का नाम आता है। अब्राहम लिंकन ने अमेरिका में हुए गृह युद्ध (Civil War) से अमेरिका के टुकड़े होने से बचाने के लिए और देश की एकता के लिए जान दे दी और उन्हें अपने जीवन में इतनी असफलताएं देखी है जितनी शायद ही किसी ने अपने जीवन में दिखी हो ।अब्राहम लिंकन की अनकही गाथा । Unkwown Facts About Abraham Linkan

अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी 1809 में  हार्डी काउंटी (Hardy County) में लकड़ी के बने एक घर में हुआ था। उनके पिता का नाम थॉमस लिंकन (Thomas Linkon) और माता का नाम नैंसी लिंकन थे। इनके माता-पिता इंग्लैंड से आए थे ।जो बाद में न्यू जर्सी पेनसिलवेनिया (Pensilvenia) में आकर बस गए थे। लिंकन परिवार बहुत गरीब था और खेती करके अपना जीवन चलाता था।

Unkwown Facts About Abraham Linkan in hindi

एक जमीन विवाद के चलते लिंकर परिवार को उनकी जमीन से बेदखल कर दिया गया और उन्हें शहर छोड़ने पर मजबूर किया गया। 1811 में लिंकन परिवार नौकरी के लिए  फॉर्म आ गए ।जहां पर उन्होंने दोबारा जमीन खेती लायक बनाकर खेती शुरू की लेकिन वहां से भी लोगों ने उन्हें भगा दिया ।

परेशान होकर लिंकन परिवार को इंडियाना (Indiana) जाना पड़ा 1816 में लिंकन परिवार की ओर नदी के किनारे बसे जहां पर उन्होंने जंगलों को काटकर वहां खेती करना शुरू किया। यहां पर आज भी उनके फॉर्म को एक स्मारक के रूप में संरक्षित किया गया है। अपने खानाबदोश परिवार के कारण वह कभी स्कूल नहीं जा सके।

जब अब्राहम 9 वर्ष के थे तब उनकी मां नैंसी की विषैला दूध (Poisonous Milk) पीने की वजह से मौत हो गई ।इसके बाद उनके पिता ने सारा नाम की महिला जिसके 3 बच्चे पहले से ही थे ।उससे दूसरी शादी कर ली लेकिन सारा ने अब्राहम लिंकन को अपने बच्चों से बढ़कर प्यार दिया और उसे अपनी मां की कमी महसूस होने नहीं दी। सारा ने कहा था उन्होंने अब्राहम लिंकन जैसा बच्चा कभी पहले नहीं देखा था।

अब्राहम लिंकन की अनकही गाथा । Unkwown Facts About Abraham Linkan

उसने पूरे जीवन में कभी उनसे झूठ नहीं बोला। सारा ने ही  अब्राहम लिंकन को पढ़ना लिखना सिखाया और उनकी शिक्षा में उन्होंने भरपूर योगदान दिया अब्राहम लिंकन को महापुरुषों की जीवनी पढ़ने का बहुत शौक था। एक बार वह 18 किलोमीटर पैदल चलकर अपने मित्र से एक पुस्तक मांग कर लाए ।रात को जोरदार बारिश हुई छत से पानी टपक गई किताब सुरक्षित लौटाने का वादा कैसे निभाएंगे।

इसकी चिंता मे वे सो न सके । अब्राहम लिंकन ने उनके मित्र को पुस्तक के पूरे पैसे चुकाने का फैसला किया और मजदूरी करके पैसे कमाए और उन्हें पैसे लौटा दिए थे।इनके पिता बहुत क्रूर थे , वह मजदूरों की तरह खेतों में काम करवाते और गुलामों की तरह मारते पीटते थे। उनके पिता ने अब्राहम के जीवन में एक नेगेटिव रोल मॉडल की भूमिका निभाई ।

अब्राहम  अपने पिता के इस  रूप से बहुत हताश और निराश हो गए थे यही वजह थी कि आगे चलकर अब्राहम लिंकन ने युद्ध में गुलामों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई ।अब्राहम जब बड़े हुए तो वह एक ऐसा रोजगार चाहते थे, जिससे कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा मिल सके ।उन्होंने अपने बचपन में हुए काम का इस्तेमाल करके एक नाव तैयार की और boatman का काम शुरू किया।

जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होने लगा। एक दिन लिंकन की नाव को लुटेरों ने घेर लिया लेकिन लिंकन ने उन लुटेरों से लड़ते हुए पूरी बहादुरी से उन्हें भगा दिया। लुटेरों से लड़ते हुए वह घायल हो गए और चोट का निशान उनकी आंख के नीचे हमेशा के लिए बन गया।

इस घटना को एक व्यापारी ने अपनी आंखों से देखा और वह अब्राहम लिंकन से बहुत प्रभावित हुआ। उसने लिंकन को अपने नए स्टोर में मैनेजर के पद पर नियुक्त कर लिया। यह उनके जीवन की पहली सफलता थी। जब वह एक वोटमैन से मैनेजर बन गए। इसके बाद अब्राहम लिंकन अपने मालिक के कहने पर एक पहलवान से कुश्ती भी लड़े थे लेकिन उसमें ताक़त दिखाने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा।

इसी स्टोर में रहते हुए अब्राहम लिंकन ने वकालत की पढ़ाई पूरी की ।इस स्टोर में काम करते हुए चोर मालिक की बेटी से उन्हें प्रेम हो गया था लेकिन दुर्भाग्यवश उस लड़की की मौत टाइफाइड के कारण हो गई। राष्ट्रपति बनने के बाद वाइट हाउस में अक्सर लिंकन इसका जिक्र किया करते थे।

उनकी ईमानदारी और उनकी कहानी सुनाने की वजह से लिंकन बहुत प्रसिद्ध हो गए थे ।रेड इंडियंस के दल ने अपनी ट्रैवल्स जमीन दोबारा वापस पाने के लिए लिंकन को अपने लीडर के रूप में चुना ।यह उनके जीवन की पहली सफलता थी जिसे उन्होंने अपने जीवन की सबसे सुखद सफलता बताया।

इस सफलता से उत्साहित होकर स्टेट लेजिस्लेटिव असेंबली में चुनाव लड़ने चले गए। लेकिन अपने पहले प्रयास में उन्हें भारी मतों से हार मिली। 2 वर्ष बाद उन्होंने फिर इलेक्शन लड़ा और इस बार चुनाव जीते। उस समय स्टेट लेजिस्लेटिव की सैलरी बहुत कम होती थी जिसके कारण उन्होंने सर्वेयर और पोस्टमैन जैसी कई नौकरियां की।

अब्राहम लिंकन की अनकही गाथा

स्टेट असेंबली में हमेशा घरेलू मुद्दों पर चर्चा होती थी लेकिन अब्राहम लिंकन काले लोगों की गुलामी को एक राष्ट्रीय मुद्दा मानते थे और काले लोगों को गुलाम बनाकर उनसे जानवरों की तरह काम करवाना ,उन्हें पसंद नहीं था और इस पर वह अकेले आवाज उठाते थे लेकिन कोई और अन्य नेता उनका समर्थन नहीं करता था ।

अमेरिका में यह गुलामी 200 वर्षों से चली आ रही थी गोरे लोग दक्षिणी राज्यों के बड़े खेतों के मालिक थे और अफ्रीका से लोगों को अपने खेतों में काम करवाने के लिए उनका सौदा करते थे ।उत्तरी राज्यों के लोग इस प्रथा के खिलाफ थे लेकिन उन्हें बहुत कम समर्थन था। कुछ दिनों बाद उनकी जिंदगी में मेरिटओड़ नाम की लड़की आई।

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जो एक बड़े घराने से थी। उसके पिता उच्च पद पर आसीन थे और मेरिटओड़ कहती थी, मैं उस इंसान से शादी करूंगी जो अमेरिका का राष्ट्रपति बनेगा क्योंकि मैं वाइट हाउस में रहना चाहती हूँ। लिंकन की महत्वकांक्षा से मेरीटओड़ बहुत प्रभावित हुई और 1842 में दोनों ने शादी कर ली। शादी करने के बाद लिंकन एक लॉयर बन गए ।राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने 20 वर्षों तक वकालत की ।उनकी वकालत के दिनों की सैकड़ों सच्ची कहानियां उनकी ईमानदारी और सज्जनता की गवाही देते हैं। उम्मीद है आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा ।

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