World War One प्रथम विश्व युद्ध यानी कि पहला विश्व युद्ध से लेकर के 11 नवंबर 1918 तक चला। इस युद्ध में 70 Million से ज्यादा आर्मी के जवान शहीद हुए और 7 Million यूरोपियन लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी। यह इतिहास की एक सबसे बड़ी लड़ाई और सबसे जानलेवा लड़ाई साबित हुई और इसके बाद World Government में बहुत सारे नए नियम सामने आए और आपको जानकर हैरानी होगी कि पहले विश्व युद्ध के 20 साल बाद ही दूसरा विश्वयुद्ध शुरू हो गया था। इस समय लोगों का मानना था कि प्रथम विश्वयुद्ध के बाद दुनिया भर में होने वाले सारे युद्ध खत्म हो जाएंगे। इस युद्ध में करीब 2 करोड लोग जख्मी हो गए थे।

इस लड़ाई मे विश्व दो टुकड़ो मे बात गया था: पहला समूह था एलाइट शक्ति का और दूसरी तरफ थी सेंट्रल शक्ति

पहला विश्व युद्ध के मुख्य चार कारण थे जिनमें से पहला था मिलिट्री दूसरा कारण था गठबंधन प्रणाली तीसरा कारण था साम्राज्यवाद और चौथा कारण था राष्ट्रवाद

1) मिलिट्रिस्म

मिलिट्री मुख्य कारणों में से एक इसलिए है क्योंकि हर एक देश ने कोशिश की कि उसके हथियार बाकी देशों से एडवांस हों  और आधुनिक हो। लगभग सभी देशो ने इस समय तक अविष्कार होने वाली सभी मशीन गन बंदूक जैसी चीजें तैयार कर ली थी और कई देशों ने तो बड़े-बड़े युद्ध के लिए काफी बड़ी-बड़ी आर्मी भी तैयार कर ली थी।पहला विश्व युद्ध क्यों और कैसे कब हुआ था? World War One Reasons

इन सब चीजों में ब्रिटेन और जर्मनी दोनों काफी आगे थे और क्योंकि यह दोनों देश आगे थे इसी वजह से इन देशों में साइंटिफिक क्रांति का वर्णन हुआ। जैसे तैसे यह देश आगे बढ़ते गए और औद्योगिक Kranti बढ़ती गई वैसे वैसे इन देशों ने चाहा कि इन की सैन्य ताकत सबसे ज्यादा हो जाए। उन्होंने अपनी इंडस्ट्रियल कांप्लेक्स का भी इस्तेमाल किया था।

पहला विश्व युद्ध किस वजह से हुआ और कब हुआ? World War One Reasons

चीन की सैन्य क्षमता आगे बढ़ती रहें और अपने देश में इन्होंने बड़ी-बड़ी कंपनियों का निर्माण किया जो की मशीन गन, बंदूक आदि के निर्माण कार्य के लिए प्रसिद्ध हुई। अब क्योंकि यह दोनों देश बहुत आगे बढ़ गए थे इसलिए इस समय विश्व के अन्य देश चाहते थे कि वह भी ब्रिटेन और जर्मनी की बराबरी कर सके लेकिन ऐसा हो पाना बेहद मुश्किल था।

मिलिट्री की वजह से कुछ देशों में सैन्य छमता बड़ी तो लेकिन सकारात्मक तरीके से नहीं और यही कारण था कि विश्व युद्ध लाखों लोगों की जान ले गया और यह अवधारणा गलत साबित हुई कि ज्यादा सैन्य क्षमता का मतलब है जीत।

2) गठबंधन प्रणाली

क्योंकि विश्व युद्ध के दौरान कुछ देश अपने सैन्य क्षमता को लेकर काफी आगे बढ़ गए थे इसलिए कुछ देशों के लिए उन्हें अकेले हरा पाना बहुत मुश्किल हो गया था और ऐसे में उन लोगों ने सोचा कि क्यों ना आपसी देशों से समझौता कर लिया जाए और मिलकर के उन देशो पर हमला किया जाए और इस समय जब विश्वयुद्ध अपने चरण पर था तब जो भी संध्या हो रही थी बस गुप्त रुप से हो रही थी इस बीच दो मुख्य संध्या हुई और इन संधियों के परिणाम घातक थे। उनके परिणाम दुर्गामी साबित हुए।

पहला विश्व युद्ध क्यों और कैसे कब हुआ था? World War One Reasons

3) साम्राज्यवाद

साम्राज्यवाद इसका कारण इसलिए बना  क्योंकि उस समय जो पश्चिमी यूरोप के देश थे वह चाहते थे कि जो उनकी कॉलोनी है वह पूरे एशिया मे फैल जाऐं। पहले अफ्रीका क्षेत्रफल में बहुत बड़ा था इसीलिए सब देश चाहते थे कि उस पर जितनी जल्दी हो सके कबजा कर लें और अफ्रीका अपने क्षेत्रों को कब्जे में जाने से बचा रहा था। जो देश अफ्रीका के क्षेत्र पर कब्जा करना चाहते थे उनमें से जो देश शामिल थे वे थे फ्रांस, जर्मनी, हॉलेंड और इन सभी देशों को कमांड ब्रिटेन दे रहा था।

और इसी कारण ब्रिटेन इस समय सबसे सफल देशों में से एक था और इसीलिए बाकी बचे हुए सभी देश ब्रिटेन के विकास मॉडल को अपनाना चाहते थे। पूरी दुनिया के 25% हिस्से पर एक समय सिर्फ और सिर्फ ब्रिटिश शासन था।इसी वजह से ब्रिटेन की सैन्य क्षमता में उस समय बहुत ही ज्यादा वृद्धि हुई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब युद्ध हुआ तो भारत के 1300000 सैनिक पहला विश्व युद्ध में ब्रिटेन की तरफ से लड़ने के लिए गए थे।

4) राष्ट्रवाद:

क्योंकि यह घटना 19वीं सदी की है और 19वीं शताब्दी में देशभक्ति की फीलिंग ने पूरे यूरोप को अपने कब्जे में बना लिया था।  जिस देश में राष्ट्रवाद पूरी तरीके से फैल चुका था उसमें शामिल थे जर्मनी, इटली, और बोल्ट।और इसी वजह से लडाई ने एक बड़ा रूप ले लिया और यह लड़ाई ‘ग्लोरी ऑफ वॉर’ कहलाई।

यह लड़ाई इसलिए भी बड़ी है क्योंकि हर देश को लगने लगा था कि कोई भी देश बड़ा तभी बन सकता है जब उसके पास बहुत सारी सैन्य क्षमता हो और सब को लगने लगा था कि युद्ध को लड़ कर ही जीता जा सकता है। यह लड़ाई इसलिए बढ़ती चली गई क्योंकि सब ने मान लिया था की जिस देश के पास सबसे ज्यादा छेत्रफल होगा वही युद्ध का महानायक कहलाएगा।

Pahala Vishava yudh kyo Aur Kaise Hua

जब प्रथम विश्वयुद्ध हुआ था तब  कुछ लोगों ने एक पोस्टर बनाया था जिसमें दिखाया गया था कि कई सारे देश एक दूसरे के ऊपर प्रहार कर रहे हैं। इस पोस्टर में साइबेरिया ऑस्ट्रेलिया से कह रहा था कि अगर तुम मुझे मारोगे तो रूस तुम्हें मारेगा। इसी तरह अगर ऑस्ट्रेलिया को रूस मारेगा तो रूस को जर्मनी मारेगा और इसी तरह एक दूसरे को सब ने दुश्मन की नजर से देखना शुरु कर दिया था। इस पोस्टर ने सबको बताया की किस तरह से हर देश  एक दूसरे को दुश्मन बना हुआ है।


पहला विश्व युद्ध जुलाई क्र्यसिस के बाद अगस्त महीने तक चालू हो गया था। इस समय पर जर्मनी ने  फ़्रांस को हारने के लिए एक योजना सोची और फ़्रांस को हारने के लिए उसने बेल्जियम का रास्ता चुना। जैसे ही जर्मनी सेना ने बेल्जियम पर अटैक करने का सोचा वैसे ही ब्रिटेन ने जर्मनी पर हमला कर दिया। इस घटना ने एक बात साफ कर दी थी की हर देश ने दूसरे देश के साथ कुछ गुप्त संधियाँ बना रखीं थी जहा इस बात की शर्त थी की कैसे मुसीबत के समय वे एक दूसरे की मदद करेंगे और एक दूसरे को कैसे रक्षा प्रदान करेंगे।

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