हमारे देश में अनेको रमणीय स्थान पर हिमाचल प्रदेश की बात ही कुछ और है। यहाँ की बर्फ से ढकी  पहाड़ियां सब का मन मोह लेती है। यहाँ की हर एक जगह बहुत ही सुन्दर है पर इसी प्रदेश में बसी एक छोटी सी जगह खज्जियार भी है। खज्जियार कोमिनी Switzerland भी कहा जाता है।भारत में भी Switzerland है आपको पता होना चाहिए India has mini Switzerland

दोस्तों अगर आप Switzerland जाना चाहते हो पर किसी कारण नहीं जा पाए हो अब तक तो खज्जियार जरूर जाइये। इसे देख कर आप को एहसास हो जायेगा की क्यों इसेमिनी स्विट्ज़रलैंड” और धरती पर स्वर्ग कहा जाता है। ये जगह दिल्ली से सिर्फ 508 किलो मीटर और डलहौज़ी से 24 किलो मीटर दूर है।

अगर आप अपनी भागदौड़ भरी ज़िन्दगी से कुछ दिन का सुकून चाहते है तो खज्जियार जा कर सारी थकान कुछ ही दिनों में मिटा सकते है। 

आप को बता दे की यहाँ की खूबसूरती देख कर स्विज़ राजदूत इतने प्रभावित हुए की उन्होंने इसे मिनी स्विट्ज़रलैंड का दर्जा दे दिया। वैसे तो पूरी दुनिया में कई ऐसे स्थल है जिनको मिनि Switzerland कहा जाता है पर यदि बात करे हिमाचल जैसे सुन्दर जगह की तो वहां पर खज्जियार को ही ये उपाधि मिली। 

आप को बता दे की भले ही ये एक छोटी सी जगह है पर सुंदरता के मामले में ये जगह किसी Switzerland से कम नहीं है। यहाँ की बर्फ से ढके पहाड़,चीड़ और देवदार के लंबे पेड़ और यहाँ की हरियाली देख कर आप को ये अनुभव होगा की ये सपना है या हकीकत। 

गर्मियों के मौसम में तो ये यहाँ स्वर्ग सी अनुभूति होने लगती है। लोग ज्यादातर अपने बच्चो की गर्मी की छुट्टियां यहाँ बिताने आते है। यहाँ का मौसम दिन भर खुशनुमा रहता है और दिन ढलने पर रातें सर्द  हो जाती है। 

कहाँ ठहरे खज्जियार में Switzerland ?

खज्जियार में ठहरने की अनेको जगह है। जिनमे कई कॉटेज और एक होटल है। ये होटल HP टूरिज़म के द्वारा चले जा रहे है। इसके अलावा  PWD और वन विभाग के दो रेस्ट हाउस भी है। यहाँ कुछ प्राइवेट होटल भी खोले गए पर यहाँ की परिस्थितियों के कारण उन होटल में ज्यादा लोग नहीं रुकते। 

कैसे घूमे खज्जियार में 

खज्जियार में घूमने के लिए ज्यादातर प्राइवेट कार और बस चलती है। यहाँ की बस सेवा मौसम और पर्येटको  भीड़ पर निर्भर करती है।लोग दिल्ली तक पहुंच कर खज्जियार जाने के लिए खुद की कार या रेंटेड कार का इस्तेमाल करते है। 

खज्जियार के दार्शनिक स्थल वैसे तो पूरा खज्जियार ही बहुत सुन्दर है पर यहाँ की शोभा बढ़ाते अनेक दार्शनिक स्थल भी है। आइये जानते है ऐसे ही कुछ सुन्दर स्थलों के बारे में। 

खज्जियार लेक

 चीड़ और देवदार के पेड़ो से ढके मैदानों के बीचोबिच एक झील भी है जिसे खज्जियार झील कहते है।ये झील पांच हज़ार वर्गफुट में फैली हुई है।  इस लेक के बिच में एक टापू भी है जिस तक पहुंच कर पर्येटक घंटो इस झील और यहाँ के मनमोखक दृश्यों का आनंद लेते है। खज्जियार झील अपनी सुंदरता के कारण सैलानियों के आकर्षण का कारण बना रहता है। यदि कोई खज्जियार आता है तो सब से पहले खज्जियार झील ही देखने जाता है। 

भारत में भी Switzerland है आपको पता होना चाहिए

खज्जी नाग मंदिर 

ये मंदिर 800 वर्षो पुराना है जहां कई प्राचीन मूर्तियां भी है। लोग इसके इतिहास में बारे में कई बातें बताते है। यहाँ का दृश्य भी बहुत सुन्दर है। ये मंदिर लकड़ियों से बना है और अपने ऐतिहासिक मान्यताओं  लिए प्रचलित है। ये बात भी प्रचलित है की खज्जियार का नाम  इस खज्जी मंदिर के नाम पर ही रखा  है। 

पंचकूला 

इस का शाब्दिक अर्थ हैपांच कुल। ये जगह डलहौज़ी से किलो मीटर दूर स्थित है  स्वच्छ पानी का एकज बहुत बड़ा स्त्रोत है।  इसके पानी की धरा दयाकुण्ड से निकलती है और यहाँ का पानी डलहौज़ी था बैलून में सप्लाई किया जाता है। ये पानी बहुत साफ और पिने योग्य है। 

यहाँ जाने के लिए आप थोड़ी चढ़ाई करनी पड़ेगी पर ऊपर जा कर बहुत ही सुन्दर झरना है। और कई चाय काफी स्टाल भी है। यहाँ पर लड़कियों के लिए कान  घूमके और अन्य चीज़े बड़े सस्ते दामों में मिलती है। 

पोह्लानी देवी मंदिर Switzerland

ये मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं  प्रसिद्ध है। इस मंदिर तक पहुंचना थोड़ा कठिन जरूर है पर एक बार जब आप यहाँ पहुंच जायेंगे तो रास्ते में आयी हर तरह की परेशानियों को भूल जायेंगे। ये एक रमणीय स्थान है जहाँ  पर किलो मीटर ट्रक कर के जाना पड़ता है।

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यहाँ कोई कार जाती है और ही कोई रोप वे है। यहाँ पहुंचने पर आप को हिमालय जैसी अनुभूति हो सकती है। अगर बात करे यहाँ के मौसम की तो यहाँ का मौसम अक्सर खराब होता है और कब बर्फ़बारी हो जाये ये कोई नहीं जनता। मंदिर भले ही छोटा है पर यहाँ पहुच कर आत्मा को एक अनोखी शांति मिलती है।  मंदिर के ऊपर छत नहीं है इसका कारण क्या है ये किसी को नहीं पता इसलिए जब कभी बर्फ गिरने लगती है जो ये मंदिर भी बर्फ से ढक जाता है। 

जोट पास 

ये स्थान हमेशा बर्फ से ढका रहता है यहाँ पहुंचना बड़ा मुश्किल है पर एक बार आप यहाँ पहुंच गए तो शायद आप को ये किसी स्वर्ग से काम लगे। यहाँ भी ट्रैक कर के जाया  सकता है। यहाँ के रस्ते बर्फ से ढके रहते है  और सर्दियों के मौसम में तो बंद भी हो जाते है। इस  स्थान का लुफ्त आप सिर्फ गर्मियों में ही उठा सकते है। 

चमेरा रिज़रवोइर Switzerland

ये एक बहुत ही सुन्दर जगह है जहाँ आप बोर्टिंग का भी मज़ा ले सकते है। यहाँ ऊपर पहुंच कर दृश्य और भी सुन्दर हो जाता हो। 

दैन्कुंद पीक

ये पिक समुद्र ताल से 2755 मीटर ऊंचा है जो की डलहौज़ी के सब से ऊंचे पर्वतो में से एक है। ये शहर से 10 किलोमीटर की दुरी पर है जहाँ से खड़े हो कर लोग 360 कोण तक देख सकते है। जहाँ आप सुन्दर घाटियों और घने जंगलो का दृश्य ट्रैक कर के देख सकते है। ध्यान देने योग्य बात ये है की यहाँ कोई रिपेयरिंग सेंटर और पेट्रोल पम्प भी नहीं है। तो दोस्तों ये थी मिनी Switzerland यानि खज्जियार के बारे में छोटी सी जानकारी। 

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