क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की पूरी जानकारी Sachin Tendulkar In Hindi: विश्व क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा नाम है जिसे दुनिया क्रिकेट का भगवान कहती है। मास्टर ब्लास्टर की उपाधि पाने वाले सचिन तेंदुलकर को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान हासिल है। सचिन पहले ऐसे खिलाडी हैं जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।

सचिन सबसे कम उम्र के भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति हैं। इनको एक दिवसीय और टेस्ट क्रिकेट दोनों का महारथी कहा जाता है। सचिन एक मात्र ऐसे खिलाडी हैं जिन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। सचिन तेंदुलकर राज्यसभा सांसद भी हैं।

साल 1989 में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद सचिन ने बल्लेबाजी में कीर्तिमानों की जैसे झड़ी लगा दी थी। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट हो या एक दिवसीय क्रिकेट दोनों में ही सर्वाधिक शतक जड़े हैं। टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में सबसे ज़्यादा 14000 से अधिक रन बनाने वाले वह विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं।

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की पूरी जानकारी Sachin Tendulkar In Hindiक्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की पूरी जानकारी Sachin Tendulkar In Hindi

एकदिवसीय क्रिकेट मैचों में सचिन ने सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान अपने नाम किया है। सचिन रमेश तेंदुलकर एक ऐसे महान खिलाडी हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से देश विदेश में अपने काम का लोहा मनवाया है। साल 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। दोस्तो आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से आपको सचिन के बारे में कुछ रोचक जानकारियां देने जा रहे हैं जो शायद आपको ना पता हों आइये जानते हैं सचिन के जीवन के बारे में –  

Sachin Tendulkar का परिवार  

सचिन का परिवार महाराष्ट्र प्रान्त से है। सचिन का परिवार एक मराठी ब्राह्मण परिवार है। सचिन का जन्म 24 अप्रैल 1973 को राजापुर मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ था। सचिन के पिता ने इनका नाम अपने चहेते दोस्त संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा जिसे सचिन ने खूब रोशन किया है।

सचिन तेंदुलकर चार भाई बहन हैं इनके के बड़े भाई का नाम अजीत और दूसरे भाई का नाम नितिन है। सचिन की बहन का नाम सविताई तेंदुलकर है। सचिन बताते हैं कि इनके बड़े अजीत ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिये प्रोत्साहित किया करते थे। सचिन तेंदुलकर का विवाह 1995 में हुआ इनकी पत्नि का नाम अंजलि तेंदुलकर है। सचिन और अंजलि के दो बच्चे हैं – लड़की का नाम सारा है और लड़के का नाम अर्जुन है। अर्जुन भी अपने पिता की तरह क्रिकेटर बनना चाहता है।

क्रिकेट की दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बारे में रोचक जानकारियां

Sachin Tendulkar के क्रिकेट की शुरुआत

सचिन तेंदुलकर ने शारदा आश्रम विद्यामंदिर में पढाई करते थे जहाँ उनके अध्यापक (कोच) रमाकान्त अचरेकर जिन्हें क्रिकेट का द्रोणाचार्य कहा जाता है, ने उन्हें क्रिकेट जीवन की शुरुआत दी। सचिन एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे जिसके लिये सचिन एम.आर.एफ. पेस फाउण्डेशन के अभ्यास कार्यक्रम में भी पहुँच गए लेकिन पेस फाउंडेशन के तेज गेंदबाजी के कोच डेनिस लिली ने सचिन को पूरी तरह बल्लेबाजी पर ध्यान देने के लिए आगाह किया।

कोच के साथ Sachin Tendulkar का अभ्यास

सचिन कहते हैं सचिन के कोच रमेश आचरेकर जब अभ्यास कराते थे तो विकेट के नीचे एक सिक्का रखते थे। जिसमें होता ये था कि सचिन यदि आउट हो गए तो सिक्का गेंदबाज का और अगर आउट नहीं हुए तो सिक्का सचिन का, इसी तरह सचिन ने 1 रूपये के ये 13 सिक्के जीते थे जिन्हें सचिन आज भी अपने पास रखे हुए हैं। सचिन ने भी अपने गुरु का नाम खूब रोशन किया है। सचिन जब मुंबई टीम में शामिल हुए तब उनकी उम्र महज 15 साल थी।   

Sachin Tendulkar Biography In Hindi – सचिन रमेश तेंदुलकर

  • साल 1988 में सचिन तेंदुलकर ने राज्य स्तर पर मुंबई की तरफ क्रिकेट मैच खेला था। इस मैच में उन्होंने अपने करियर की पहली सेंचुरी मारी थी। सचिन के इस पहले ही मैच के तुरंत बाद नेशनल टीम में उन्हें सिलेक्ट कर लिया गया।
  • नेशनल टीम में सिलेक्ट होने के 11 महीने बाद सचिन ने पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेला। सचिन का यह पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ था। हालाँकि पाकिस्तान की टीम उस समय की सबसे दमदार टीम मानी जाती थी। सचिन ने अपना पहला वन डे मैच भी इसी सीरीज में खेला था। जब पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे।
  • साल 1990 में सचिन ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 119 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड के खिलाफ यह इनकी पहली टेस्ट सीरीज थी। 119 रन बनाने के बाद सचिन दूसरे नंबर के सबसे छोटे खिलाडी थे जिन्होंने शतक जड़ा था।
  • 1996 के विश्वकप मैचों के समय में सचिन को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया। हालाँकि सचिन ने कप्तानी अच्छी की लेकिन उन्होंने साल 1998 में टीम कैप्टिन की जिम्मेदारी छोड़ दी जिसके बाद उन्हें फिर से 1999 कप्तान बना दिया गया।

Sachin Tendulkar in hindi

  • भारतीय टीम की कप्तानी के समय में सचिन ने 25 क्रिकेट मैचों में से सिर्फ 4 टेस्ट मैच ही जीते। जिसके बाद से सचिन ने फैसला लिया कि अब वो कभी टीम के कप्तान नहीं बनेंगे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले गए टेस्ट मुकाबलों में भी सचिन ने ताबड़तोड़ कई टेस्ट शतक जड़े।
  • सचिन ने साल 1992-93 में पहला घरेलू टेस्ट मैच खला जो कि इंग्लैंड के खिलाफ के था। भारत में खेला गया यह मैच सचिन के टेस्ट कैरियर का 22वां मैच था।
  • सचिन की हर रोज उजागर होती प्रतिभा और क्रिकेट खेलने की तकनीक के चलते उन्हें डॉन ब्रेडमैन की उपाधि भी दी गई जिसे खुद डॉन ब्रेडमैन ने भी स्वीकारा।
  • हँरिस शिल्ड मुकाबले में सचिन ने विनोद कांबली के साथ 664 रनों की भागीदारी निभाने का रिकॉर्ड बनाया। इस पारी में सचिन ने 326 रन बनाए थे।

Sachin Tendulkar कहते है जो कुछ भी हूँ पिता के कारण

Sachin Tendulkar सीधा-सादे इंसान हैं वो आज भी अपने नम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। सचिन अपने अच्छे व्यवहार का श्रेय अपने पिता रमेश तेंदुलकर को देते हैं। सचिन कहते हैं “मैं जो कुछ भी हूं अपने पिता के कारण हूँ”। सचिन के पिता मराठी साहित्य के शिक्षक थे जो कहते थे कि जिन्दगी को हमेशा बहुत गम्भीरता से जीना चाहिए।

सचिन के पिता को जब पता चला कि शिक्षा की जगह क्रिकेट सचिन के जीवन का हिस्सा होने वाली है तो उन्होंने कभी इस बात को गलत नहीं कहा। सचिन का कहना है कि उनके पिता कहते थे कि मेहनत से कभी मत घबराओ, ईमानदारी से खेलो और अपने स्तर को हमेशा अच्छा बनाए रखो।

सचिन की पसंद

Sachin Tendulkar को ही सब कुछ अपना मानते हैं वो कहते हैं क्रिकेट उनकी जिन्दगी भी है और खून भी। क्रिकेट के अलावा सचिन संगीत सुनना पसंद करते हैं। साथ ही उन्हें फिल्में देखने का भी शौक है। उनसे सवाल पूछे जाने के जवाब में बताया कि क्रिकेट के कारण वो अपने दोस्तो के साथ टेनिस की गेंद से क्रिकेट नहीं खेल पाते जो कि उन्हें बहुत याद आता है।

100वां टेस्ट मैच खेलने वाला सबसे कम उम्र का पहला खिलाडी Sachin Tendulkar

5 सितम्बर 2002 को ओवल में सचिन तेंदुलकर ने 29 वर्ष की आयु में अपने करियर का 100वां टैस्ट मैच इंग्लैण्ड के खिलाफ खेला था। इस मैच के कारण सचिन 100वां टैस्ट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने जो कि एक रिकॉर्ड है। सचिन ने क्रिकेट खेल की औपचारिक शुरुआत जब की तो वो केवल 12 वर्ष के थे जब वो क्लब क्रिकेट (कांगा लीग) के लिए खेले थे।

सचिन का क्रिकेट से सन्यास

23 दिसम्बर 2012 को सचिन तेंदुलकर ने एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास से ले लिया। इसके बाद 16 नवम्बर 2013 को मुम्बई में उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला। जिसमें उन्होंने 74 रनों की पारी शानदार पारी खेली। इसके बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी सन्यास ले लिया।

Sachin Tendulkar के कुल रन, शतक और विकेट

    • सचिनतेंदुलकर ने अपने कैरियर में 200 टेस्ट मैच खेले। इन मैचों में सचिन ने 53।79 के बल्लेबाजी औसत के साथ 15921 रन बनाये हैं। इनमें सचिन का सर्वश्रेष्ठ रन स्कोर नाबाद 246 है। वहीँ 51 शतक और 68 अर्धशतक सचिन के नाम दर्ज हैं। सचिन ने गेदबाजी भी की है और 46 विकेट भी हासिल करने रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

  • सचिनने वनडे क्रिकेट मैचों में कुल 463 मैच खेले हैं। इनमें सचिन ने 44।83 के बल्लेबाजी औसत के साथ 18426 रन बनाने का रिकॉर्ड खड़ा किया है। एकदिवसीय मैचों में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 200* रन है। इन मैचों में 49 शतक और 96 अर्धशतक का रिकॉर्ड इनके नाम दर्ज है। वनडे मैचों में अपनी गेदबाजी के दम पर सचिन ने टीम के लिए 154 विकेट भी लिये हैं।

सचिन के वर्ल्ड रिकॉर्ड

  • मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ 100 वाँ शतक लगाया।
  • वनडे अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी।
  • वनडे अन्तर्राष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा 49 शतक लगाए।
  • विश्व कप मुक़ाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी।
  • टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 51 शतक।
  • वनडे अन्तर्राष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज।
  • वनडे अन्तर्राष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच।
  • अन्तर्राष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा 30000 रन बनाने का कीर्तिमान।

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