जब भी विश्व के कुछ प्राचीन सभ्यताओं के बारे मे चर्चा होती है तब सिंधु घाटी सभ्यता यानि की Indus Valley Civilization का ज़िक्र ज़रूर होता है। कई बार लोग Indus Valley Civilization और Harrapan Civilization को अलग अलग सभ्यता समझ लेते हैं।

इसलिए आपका यह जानना अनिवार्य हो जाता है की हरप्पा सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता एक ही सभ्यता के दो नाम हैं। Harppan Civilization का नाम उस जगह के नाम पर पड़ा जहां सबसे पहले सभ्यता के प्रमाण पाये गए थे। उस जगह का नाम Harappa था। क्यूंकी जादा तर सभ्यताएं सिंधु नदी यानि की Indus River के किनारों पर पायी गयी इसीलिए इसे Indus Valley Civilization का नाम मिला। सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास - Indus Valley Civilization History in Hindi

सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषताएँ (Features of Indus Valley Civilization)

1) यह सभ्यता सम्पूर्ण रूप से स्वदेशी (Indigenous) थी: वैसे तो सिंधु घाटी सभ्यता को ले कर कई सारी Theories प्रख्यात हैं जिनमे से कई मे बताया गया है की इस सभ्यता से जुड़ी कई बातें Mesopotamian या Sumerian Civilization से मिलती थीं जिसके कारण ऐसा माना गया की सिंधु घाटी सभ्यता उनही का Extention है परंतु बाद मे इन दोनों सभ्यताओं के बीच मे कई प्रकार के differences पाये गए जैसे की:

  • शहरी संरचना मे अंतर (Differences in Urban Structure)
  • उनके द्वारा Practice करी जाने वाली Scripts मे अंतर (Difference in Scripts)
  • Seals मे अंतर (Difference in Seals)

यह अंतर यानि की differences इस बात के प्रमाण थे की सिंधु घाटी सभ्यता पूरी तरह से स्वदेशी थी और किसी अन्य सभ्यता की Extension नहीं थी।

सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास – Indus Valley Civilization History in Hindi

2) शहरी विकास (Urban Development): वैसे तो इस सभ्यता मे गाँव यानि की Villages भी पाये गए थे लेकिन यहाँ कई सारे प्रमाण मिलते हैं जिनसे पता लगता है की इस संभयता के लोग Urbanized होते जा रहे थे जैसे की Mohejadaro, Harappa, Chanhudaro, Lothal, Kalibangan इत्यादि कुछ इस सभ्यता मे पाये जाने वाले शहर थे।

3) विकसित समाज: इस सभ्यता के लोगों ने अपने मनोरंजन के लिए Toys और Chess Board जैसी चीजों का प्रयोग किया बिलकुल वैसे ही जैसे आज हम करते हैं। इससे यह पता चलता है की उस समय यह सभ्यता भी आज की ही तरह विकसित सोच वाले बुद्धिजीवियों से भरी थी।

4) इस सभ्यता के लोग साक्षर (Literate) थे: इतिहास मे कई सारे प्रमाण मिलते हैं जिनसे यह बात पता लगती है की सभ्यता के लोग Literate थे। ऐसे ही कुछ प्रमाणों मे से एक है उस समय लिखी जाने वाली Scripts।

5) विभिन्न प्रकार के Occupations (Multi-Classes): इस सभ्यता मे विभिन्न प्रकार के कार्य करने वाले लोग जैसे की Artisans, Craftsmen, Traders, Merchants इत्यादि हुआ करते थे।

6) बहु जातिय समाज (MultiEthnic Society): ऐसा नहीं है की इस सभ्यता के लोग सिर्फ एक ही धर्म या जाती के हुआ करते थे। इसमे Dravedians और Protoaustrolids जैसे विभिन्न जातियों के लोग रहा करते थे।

Harappan Civilization के अलग अलग पहलू

1) राजनीतिक जीवन

माना जाता है की Harappan Civilization मे एक Centralized Authority थी जो चीजों को नियंत्रित करती थी। इसका प्रमाण मे इन बातों से मिलता है:

  • उचित नगर नियोजन (Proper Town Planning)
  • चौड़ी और लंबी सड़कें (Wide Roads)
  • कुएं और उचित जल निकासी प्रणाली (Well and Proper Drainage System)
  • मानक वजन का इस्तेमाल (Use of Standard Weights)

बिना किसी Centralized Authority के किसी Town या City को Grow कर पाना बेहद मुश्किल है। हालांकि प्रमाण हमे बताते हैं की Harappan सभ्यता सभी संसाधनों से लैस थी। इसका अर्थ यह निकलता है की उस समय भी कोई न कोई centralized authority ज़रूर थी जो इस बात का ध्यान रखती थी की किस प्रकार से Town संबंधी बड़े बड़े decisions लिए जाएंगे।

2) आर्थिक जीवन

प्रमाण बताते हैं की इस सभ्यता के लोग मुख्य रूप से Agriculture यानि की खेती करते थे। जब तक Agriculture नहीं होगा तब तक लोगों के पास खाने की अविधि नहीं होगी और जब तक मनुष्य खाएगा नहीं उसमे किसी अन्य Activity को perform करने की छमता नहीं रहेगी। जब तक Secondry Activity नहीं होगी तब तक लोग एक साथ काम करने के लिए आगे नहीं आएंगे और जब तक लोग साथ काम करने के लिए आगे नहीं आएंगे तब तक Urbanization मुमकिन नहीं होगा।

इस सभ्यता मे अनाज को Mohenjadaro नमक शहर जो की harappa मे स्तिथ था वहाँ रखा जाता था। इसका अर्थ यह है की Agriculuture भले ही villages मे किया जाता हो परंतु अनाज को cities मे store किया जाता था। इस age मे pottery के भी प्रमाण मिलते हैं जिससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है की उस समय का storage system कितना बहतरीन रहा होगा। फसल का चक्रिकरण भी उस समय practice किया जाता था और साथ ही मे Multi Cropping भी इस age मे practice किया जाने लगा था। घोड़े को छोड़ कर बाकी कुछ जानवरों के पालतूकरण का भी प्रमाण मिलता है।

सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास

1) Arts and Crafts: व्यापार के लिए Seals का इस्तेमाल किया जाता था, इस युग मे खिलौनों के भी प्रमाण मिलते हैं और साथ ही मे beads और pottery के भी प्रमाण मिलते हैं। इस युग मे ईंट यानि के Brick Manufacturing के भी प्रमाण मिलते हैं।

2) Trade and Commerce: इस सभ्यता के लोग Barter System Practice करते थे। Barter System मे यदि आप कोई समान खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए आपको समान देने वाले को कुछ देना पड़ता था। बड़े businesses मे seals का इस्तेमाल होता था। मान लीजिये आप 5kg चावल बेचना चाहते हैं तो उस समय पर इस बात का प्रमाण की बोरी मे 5kg चावल है या नहीं इस बात का पता seal के जरिये ही लगता था। यहाँ sea और land trade दोनों हुआ करते थे। Sea के लिए Main port Lothal था।

3) सामाजिक जीवन

जैसा की प्रमाणो से पता चलता है, इस सभ्यता के लोग देवी माँ की पूजा करते थे। इससे यह पता चलता है की लोगों के बीच मे स्त्री का high status था और लोग औरतों की Respect करते थे। इस समय कोई Sati प्रथा नहीं थी। साथ ही मे यहाँ विभिन्न जातियों के लोग एक साथ रहते थे। इस सभ्यता के प्रमाणों मे Beads और Ornaments भी मिलते जिनसे पता लगता है की उस समय मे भी लोगों के बीच मे Inequality थी। क्यूकिन archeologists ने इन sites पर Scripts पायी हैं, इससे यह साफ होता है की इस समय के लोग Literate थे।

4) Science and Technology

प्रमाणों से पता लगता है की इस समय के लोग Bronze और Metals का इस्तेमाल करते थे। इस समय मे Textiles के होने का भी प्रमाण मिलता है। Archeologists ने बुनी हुई Cotton के कुछ pieces पाये हैं जो Textile के प्रमाण हैं। इस समय का Drainage सिस्टम आज से भी जादा आधुनिक था जो उस समय के लोगों के लिए एक विशेष उपलब्धि थी। समान को नापने के लिए Standard Weights का इस्तेमाल किया जाता था। इसका अर्थ यह है की आज की तरह ही इनहोने भी weight नापने के लिए अलग अलग standards तय कर रखे थे। City को East West की ओर बनाया गया था जिसकी वजह से वे लोग sunrise और sunset से आने वाली धूप का पूरा लाभ उठा पते थे।

5) Religious Life

इस समय के लोग आग, पनि और प्रकृति की आराधना करते थे। साथ ही मे Seals पर बने Bull का चित्र इस बात का प्रमाण है की वे लोग शायद जानवरों की भी पूजा करते थे या जानवरों के लिए उनके मन मे काफी respect थी। ये लोग Amulets यानि की ताबीज़ मे भी विश्वास करते थे। दीवारों पर या फिर मूर्तियों पर लगे Black Marks यानि की काले धब्बे इस बात का प्रमाण थे की शायद तब के लोग आरती जैसी प्रक्रियाएँ भी करते थे। इस सभ्यता मे किसी भी Public Temple के होने का प्रमाण नहीं मिलता है।

लोगों को दफनाये जाने के तरीकों से यह प्रमाण मिलता है की वे लोग मृत्यु के बाद भी जीवन मिलने पर विश्वास रखते थे। कब्रिस्तान शहर से दूर बनाए गए जिससे उस सभ्यता के लोगों की Civil Sense के अच्छे होने का प्रमाण मिलता है। लोगों के साथ Burial मे उनका समान भी दफनाया जाता था और इसी से हमे इस बात का प्रमाण मिलता है की उस समय भी rich और poor दोनों प्रकार के लोग थे क्यूकी जो rich थे उनके साथ उनके Ornaments इत्यादि भी दफनाये जाते थे वहीं poor की कब्र मे सिर्फ common सामान रक्खा जाता था।

Harappa Civilisation का पतन कैसे हुआ (Declining)

वैसे तो इस सभ्यता के पतन के पीछे कई सारी theories प्रख्यात हैं जिनमे से पहली theory के अनुसार harappan civilisation का पतन foriegn invasion अर्थात विदेशी आक्रमण के कारण हुआ। इसका प्रमाण Rigveda मे मिलता हैं जहां पर Evil Spirit से लड़ाई करने की बात कही गयी है। हालांकि Vedic Aryans 1500 BC मे आए वहीं harappa civilisation का पतन 1750 BC से ही शुरू हो गया था।

इन्हें भी पढ़े- प्राचीन भारत का इतिहास – History of Ancient India in Hindi

कुछ theories के अनुसार इस सभ्यता का पतन बाढ़ यानि के flood के कारण हुआ। Mohenjadaro को करीबन 7 बार बाढ़ का सामना करना पड़ा। हालांकि इसके पतन के पीछे केवल एक factor नहीं था बल्कि बाढ़ के साथ साथ अनेक कारण हो सकते हैं लेकिन मुख्य कारण Ecological Imbalance ही था जिसके चलते लोगों द्वारा agriculture के लिए इस्तेमाल की जा रही ज़मीन की fertility कम हो गयी और वे अनाज उगाने मे सक्षम नहीं रेह गए ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here