Bhartiya Itihas की कुछ अनकही कहानियाँ : हमारा भारत देश अपनी सुंदरता और समृद्धता के लिए विश्व भर में जाना जाना है।  हमारे देश में जितने धर्म है उतनी मान्यताएं भी है। ऐसी कई कहानियां है जो हम सब जानते है पर ऐसे कुछ रोचक रहस्य भी है जिनके बारे में हम आज तक सिर्फ सुनते ही आये है ,उनकी क्या सच्चाई है ये हम नहीं पता लगा पाए। आइये आज कुछ ऐसी ही रहस्यो का जिक्र करते है।

आज तक कोई क्यों नहीं समझ पाया सिंधु घाटी रहस्य को Bhartiya Itihas

सिंधु घाटी सभ्यता सब से प्राचीन सभ्यता थी पर आज तक कोई समझ नहीं पाया की ये सभ्यता कैसे ख़तम हुई ?पुरातत्व विशेषज्ञ अनेको अनुमान लगाते है पर अभी तक कोई ऐसे पुख्ता साबुत नहीं मिल पाए है ,साथ ही साथ जो लिपि 4000 साल पहले वो इस्तमाल करते थे वो भी  तक कोई समझ पाया। जाने ऐसे कितने ही रहस्य है सिंधु घाटी सभ्यता के जो आज तक अनसुलझे और अनकहे है और शायद घरती के गोद में ऐसे समा गए की उनका पता अब एक कोई लगा पाया। Bhartiya Itihas की अनकही कहानियाँ | Some untold stories of Indian history

क्या Bhartiya Itihas आप 500 पुरानीमम्मी के बारे में जानते है ?

वैसे तो हमारा देश अनेको रहस्यों से भरा है पर एक रहस्य हिमालय की गोद में स्थित स्पिटी के पास घुइन नामक एक छोटे से कसबे घुइन में खुद को प्राकृत तरीके से ममी बनाने की प्रथा बहुत प्रचलती थी इसी प्रथा का एक अंश 500 साल पुराना है। 

यहाँ पर एक ममी को आज भी देखा जा सकता है। इस ममी को कांच के एक बॉक्स में सुरक्षित रखा गया है यही नहीं इसकी त्वचा और बाल आज भी साबुत देखे जा सकते है। 

मीर उस्मान अली का खजाना कहाँ है अब ? Bhartiya Itihas

1937 में सब से आमिर आदमी के नाम से विख्यात निज़ाम मीर उस्मान जो की हैदराबाद के असफ जाह शासन के सातवे और आखरी निज़ाम थे

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इनके पास बेशुमार दौलत थी पर इनके मृत्यु के बाद वो खजान कहाँ गया ये आज भी रहस्य है। कुछ लोगो को मानना है की सारी दौलत उनके महल में ही कही छुपी हुई है पर वो कहाँ छुपी है ये कोई नहीं जानता। मीर उस्मान गहनों के शौखिन थे और इनके पास अनेको बहुमूल्य रत्नो और धातु से बने गहनो का संग्रह था। 

Bhartiya Itihas क्या सच में कुलधरा में भूत रहते है ?

ये आज भी रहस्य है की कुलधरा में भूत रहते है या कोई और रहस्य है यहाँ का। जी हाँ कुलधरा जैसलमेर का एक श्रापित गॉव है जो की अनेको नमो से जाना जाता है जैसे श्रापित गॉंव ,भूतों का गॉंव (Haunted Village)  

पर सच में क्या भूत रहते है ये कोई नहीं जनता। वैसे तो सरकार ने इसे एक पर्यटक स्थल बनाया हुआ है पर शाम होने से पहले यहाँ से हर किसी को वापस भेज दिया जाता है। ऐसा माना जाता है की आज तक जो भी सूरज डूबने के बाद यहाँ रुका उसकी मृत्यु हो गयी। अब हम आप को ये भी बता दे की इस रहस्य के पीछे क्या कहानी है।

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लोगो के अनुसार यहाँ १३वी शताब्दी से पालीवाल ब्राह्मण रहते थे जो की भगवान में बहुत आस्था भी रखते थे वो महिषासुर मर्दनी,गणेश और विष्णु भगवन की पूजा करत्ते थे पर १९वि शताब्दी में पानी घंटे के कारण ये गाँव खतम हो गया। लोग ये भी मानते है की यहाँ का राज्यमंत्री सलीम सिंह लोगो से अत्यधिक  वसूल करता था जिस से परेशान हो एक रात पुरे गाँव वाले गाँव छोड़ कर चले गए पर जातेजाते इस  श्राप दे गए। उस समय  यहाँ कोई रह पाया। आज गाँव के नाम पर सिर्फ खंडहर ही बचे है पर अपने रहस्य के कारण आज भी ये गाँव लोगो के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 

क्या सच में चरामा में एलियन आतेथेBhartiya history

हम सब सब एलियन के बारे में सुनते है मन में जाने कितनी कल्पनाये जन्म लेने लगती है। ये कल्पनायें कहीं कही हमारे द्वारा देखि गए एलियन के चित्रों से ही बनती है। ऐसी ही एक कहानी आज हम आप को बताने जा रहे है जो की कल्पना है या सत्य ये पता नहीं लगाया जा सका है। चारामा वैसे तो ये छत्तीसगढ़ का एक छोटा सा गॉंव है पर यहाँ पर मजूद कुछ ऐसे चित्र है जो हमे ये सोचने पर मज़बूर कर देते है की सच में दूसरी दुनियां से आये लोगो को यहाँ रह रहे आदिवासियों ने देखा था।

इसका प्रमाण देखने के लिए यदि आप कभी चारामा जायेंगे तो यहाँ की गुफाओ में एलियन जैसे दिखने वाले लोगो के चित्रों को दीवारों में बनाया गया है यही नहीं दीवारों पर उड़नतस्तरी जैसी आकृति भी देखने को मिलती है जिसमे पांच पंखे भी लगे हुए है। यहाँ के गाँव  के लोगो की माने तो यहाँरोहेलानाम के लोग दूसरी दुनियाँ से आते थे और गाँव वालो का अपहरण कर ले जाते थे। इन गुफाओ की खोज करने वाले पुरातत्ववादी जे. आर. भगत थे जिन्होंने इन चित्रों की पहचान कर बताया की ये चित्र एलियन और उड़नतस्तरी के है। भारतीय पुरातत्व विभाग ने इस सच से पर्दा उड़ाने के लिए NASA की मदत मांगी है। 

शांतिदेवी का पुनर्जन्म क्या एक सच है ? Bhartiya jankari

हम सब कहीं कही ये विश्वास करते है की हमारा कई बार जन्म होता है पर हमे वो बातें याद नहीं रहती जो हमारे पिछले जन्म में बीत चुकी है और अगर वो बातें किसी को याद जाये तो वो क्या करेगा कैसे ऐसी दोहरी ज़िन्दगी जी पायेगा। विज्ञानं इन सब बातों को नहीं मानता पर अगर आप ने शांति देवी का नाम सुना होगा तो आप को भी पुनर्जन्म पर विश्वास होगा।

हम यहाँ बता दे की दिल्ली में जन्मी शांति देवी जब चार साल की थी तब से वो अपने पूर्वजन्म के भाई,पिता और घर वालो की बातें बताया करती थी। उनके अनुसार उनका पूर्वजन्म का घर मथुरा में था और जब वो स्कूल जाने लगी तो उनके शिक्षकों ने ये बताया भी की वो मथुरा की भाषा बोलती है। उनके घर वालो को इस बात पर यकीन नहीं था इसलिए एक दिन उनके दूर के रिश्तेदार बाबू बिचन चंद्र ने प्रलोभन दे कर उन से पूरा सच पूछा उन्होंने जो भी सत्य बताया ये जान कर सब हैरान रह गए।

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शांतिदेवी के अनुसार उनके पति का नाम केदारनाथ था। जब उनके बताये हुए पते पते पर उनको ले जाया गया तो उन्होंने अपने पति और बेटो को तुरंत पहचान लिया उनके पति ने उनकी मृत्यु के बाद दूसरा विवाह कर लिया था जो शांतिदेवी को अच्छा नहीं लगा और उन्होंने अपने पति से ये भी पूछा की आप ने तो दूसरी शादी करने का वादा किया था मुझसे। उन्होंने ये भी बताया की एक मटके में उन्होंने पैसे छुपा कर रखे है और सच में उनकी बताई हुई जगह से मटका निकला जिसमे पैसे थे। 

Bhartiya Itihas क्या बिना कुछ खायेपिए भी कोई ज़िंदा रह सकता है ?

सुनने में ये बात बिलकुल असंभव लगती है पर ये एक सत्य है। जैसा की हम सभी जानते है हमारा देश एक धर्म प्रधान देश है जहाँ अनेको धर्म और संप्रदाय के लोग रहते है,पर क्या कोई ऐसा व्यक्ति भी हो सकता है जो भक्ति के नाम पर कई वर्षो से बिना कुछ खाये– पिए जीवित हो ? जी हाँ एक ऐसे ही व्यक्ति है हमारे देश में जिनका नामप्रह्लाद जानीहै|

जो की एक बुजुर्ग तपस्वी है जो की अहमदाबाद से २०० किलो मीटर दूर अम्बा जी गांव में रहते है। लोग इन्हे चुनरीवाला माता जी के नाम से भी जानते है। इनके उपास कई शोध हो चुके है पर आज तक कोई ये पता नहीं लगा पाया की ऐसी कोण सी शक्ति है जो प्रह्लाद जी को जीने के लिए बल प्रदान करती है। कई दिनों तक इनके ऊपर कड़ी निगरानी भी राखी गयी पर ये किसी को कुछ कहते या पिटे हुए नहीं दिखाई दिए।

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जब इनसे ये पूछा गया की आखिर इनके जीवन का क्या स्त्रोत है तब उन्होंने बताया की ११ साल की उम्र से ये माता अम्बा के भक्त है। आशीर्वाद स्वरुप माता ने इनको अमृत प्रदान किया है जो तालु के छेड़ से शरीर में जाता रहता है। बाबा जी ये भी कहना है की १९४० से वो बिना कुछ खाये पिए रह रहे है। 2003 में 21 लोगो की मेडिकल टीम ने इनका पूरा वीडियो बना कर रिसर्च करना चाहा पर कोई परिणाम मिल पाया। 

क्या चुनारगढ़ का रहस्य आप जानते है ? indian history

मित्रो वैसे तो चुनारगढ़ के किला अन्य किलो जैसा ही दिखता है पर ये किला 5000 वर्षो के इतिहास का गवाह है। आप को बता दे की ये किला बलुआ पत्थरो से निर्मित है और हर पत्थर पर कुछ संकेत लिखे हुए है। इन संकेतो का मतलब या अनुवाद आज तक कोई कर सका। ये किला अपने तिलिस्म के लिए मशहूर है पर इसको सब से ज्यादा ख्याति तब मिली जबबाबू देवकीनंदन खत्रीने अपने एक उपन्यासचंद्रकांता में इस किले के तिलिसन का वर्णन किया।

इस किले के तिलिस्म पर एक धारावाहिक भी बना जिसने लोगो के मन में इस किले के लिए अनेको भ्रांतिया पैदा कर दी। लोहग इस किले को देखने दूरदूर से आते है और यकीन करिये यदि आप खुद इस किले को बारीकी से देखें तो आप को भी इसके जर्रेजर्रे में तिलिस्म दिखाई देगा। यहाँ पर कई ऐसी सुरंगे देखने को मिलती है जो कितनी बड़ी है ये कोई भी नहीं जनता। जो भी आज तक उस सुरंग में गया वापस नहीं लौट कर पाया है।

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इस किले के कुछ कोने तो ऐसे भी है जहाँ जाना भी मना है। कई तहखाने भी इस किले को और रहस्यमयी बनाये हुए है,लोग कहते है की ये तहखाने अंदर ही अंदर गुप्त रास्तो में मिलते है। किले के ऊपर एक बाउली भी है जो काफी गहरी है इस बाउली के अंदर तक सीढ़ियां बानी हुई है जिसने जाने की हिम्मत कोई नहीं करता। 

इस किले का सब से बड़ा रहस्य तो यहाँ का खजाना है जो की शायद किसी गुप्त तहखाने में बंद है। बहुत लोगो ने इस खजाने को खोजने की कोशिश की पर हर कोई नाकाम रहा।

अचानक कहाँ चले गए नानासाहेब ? Bhartiya Itihas hindi

नानासाहेब को कौन नहीं जानता? इनके साहस और पराक्रम की कथाये इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी गयी है। 1857 में नानासाहेब ने ब्रिटिश शासन को ललकारा था। पर एक दिन वो कहाँ गायब हो गए ये किसी को नहीं पता। लोग मानते है की वो अपने लूटे हुए खजाने के साथ नेपाल चले गए थे पर आज तक इसका कोई साबूत नहीं है की वो कहाँ गायब हो गए और उनका खजाना कहाँ गया।  

कौनथे वो नौ व्यक्ति ? Bhartiya Itihas in hindi

२१वि सदी पूर्व 273 जब कलिंग युद्ध हुआ तो उसमे 100,000 लोगो मारे गए थे। इस हिंसा के बाद अशोक  कुछ लोगो का गुट बनाया था। ये लोग हर क्षेत्र के जानकर थे पर इस लोगो के बारे में किसी को कोई जानकारी आज तक नहीं मिल पायी है। 

Bhartiya Itihas यहाँ सच में यहाँ सोने का भंडार है ?

हमारा भारत देश सोने की चिड़िया के नाम से विख्यात है क्युकी यहाँ पर जो बहुमूल्य वस्तुएं है वो और कहीं नहीं मिलती। वैसे तो लोग कई गुफाओ में छुपे खजाने की बात करते है पर इन सब में बिहार के राजगीर में स्थित एक पहाड़ी की तलहटी में एक गुफा सब से मशहूर है।

जिसका नामसोन भंडार गुफाहै। कथाओ के अनुसार इन गुफाओ में अकूत सोने का भंडार कही छुपा हुआ है जो अब तक किसी को नहीं मिल सका। ये रोचक रहस्य तो वो है जिनके बारे में हम जानते है पर हमारे देश में जाने अभी भी कितने रहस्य है जिनको आज तक कभी कोई सुलझा पाया और ही सुलझा पायेगा।

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