KapilDev जी की Biography : भारतीय क्रिकेट टीम को ऊंचाइयों पर पहुंचाने का सबसे पहला श्रेय  हमारे प्रिय खिलाड़ी कपिल देव को जाता है। कपिल देव का पूरा नाम कपिल देव रामलाल निकुंज जिसके बारे में शायद ही आपको पहले पता होगा।

Kapil Dev ने क्रिकेट इतिहास में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से ना केवल Indian cricket field में पुरस्कार हासिल किए हैं बल्कि International Baccalaureate पर भी अपना हुनर प्रदर्शित करके बहुत ही गजब के पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

सन 1993 के विश्व कप को दिलाने वाले Kapil Dev ने यह साबित कर दिखाया कि अगर ठान ले तो कोई कुछ भी कर सकता है और Indian team की क्रिकेट मैदान में आज तक की सबसे बड़ी जीत मानी जाती हैं।क्रिकेट के सम्राट Kapil Dev Biography और Life History In Hindi

Kapil Dev की Biography और Life History कुछ जरुरी बाते In Hindi

नाम – कपिल देव रामलाल निकुंजजन्म – 6 जनवरी, 1959
पिता – रामलाल निकुंजमाता – लाजवंती निकुंज
पत्नी-रोमि भाटिया के साथजन्म स्थान – चंडीगढ़ पंजाब

Kapil Dev के पिता कपिल देव रामलाल निकुंज थे और उनकी मां राजकुमारी लाजवंती निकुंज थीं। उनके पिता एक ठेकेदार थे। भारत के विभाजन के दौरान उनके माता-पिता भारत में चले आये। और कपिल देव ने रोमी भाटिया से शादी कर ली और उनकी एक बेटी भी है जिसका नाम Amiya Dev है.


कपिल देव ने 1975 में पंजाब के खिलाफ Domestic cricket में अपनी शुरुआत की। वह घरेलू क्रिकेट में हरियाणा के लिए खेले थे.


फैसलाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ 16 अक्टूबर 1978 को अपनी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट की शुरुआत की.


1 अक्टूबर, 1978 को पाकिस्तान के खिलाफ अपनी एकदिवसीय शुरुआत की। उस मैच में कपिल जी ने 1 विकेट लेकर 13 रन बनाए।


Biography and facts about cricketer Kapil Dev in hindi


1982-83 के मौसम में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में अपनी शुरुआत की। एक कप्तान के रूप में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब हुई जब 1983 में भारत ने विश्व कप जीता। उन्होंने विश्व कप के मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 गेंदों के साथ 175 रन बनाए जबकि टीम के स्कोर 17/5 थे। विस्डेन पत्रिका ने इस पारी को सभी समय के शीर्ष 10 ओडी बल्लेबाजी प्रदर्शनों में से एक माना।


क्रीकेट के इतिहास में कुछ रिकॉर्ड बनाये हैं वह एकमात्र एसे ऑल राउंडर हैं, जिसकी 400 टेस्ट विकेट और 4000 टेस्ट रन हैं। उन्होंने सबसे कम उम्र के टेस्ट क्रिकेटर के रूप में भी रिकॉर्ड बनाया है, इन्होंने 300 विकेट लिए हैं।
1999 में कपिल को कुछ समय के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बनाया गया था।


कपिल देव रामलाल निकुंज के नाम बहोत से अवार्ड है जैसे की अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री (1982), पद्म भूषण (1991), विस्डेन भारतीय क्रिकेटर ऑफ द सदी (2002) जैसे कई पुरस्कार जीते हैं। उन्हें 2010 में आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया था।


कपिल देव द्वारा अपने करियर की शुरुआत

Kapil Dev द्वारा अपने Cricket career की शुरुआत सन 1975 में प्रथम श्रेणी के द्वारा की। हालांकि जिस समय कपिल देव ने क्रिकेट के मैदान में अपना कदम रखा भारतीय टीम की ओर से तो तब उस समय उनकी उम्र बहुत ही कम थी हालांकि यह बात सामने आती हैं कि उस समय सचिन तेंदुलकर के अलावा अगर कोई कम उम्र का खिलाड़ी भारतीय टीम में शामिल हुआ तो वह है कपिल देव। उन्होंने अपना पहला शतक 126 रन बनाकर 1979 मैं वेस्टइंडीज के खिलाफ खेल कर बनाया था और वह भी नॉट आउट रहकर जो कि काबिले तारीफ था।

Kapil Dev शुरुआत से ही बहुत ही शानदार बल्लेबाज रहे हैं और उन्होंने ना केवल अपनी बल्लेबाजी से ही भारतीय क्रिकेट टीम को जीत के झंडे हासिल नहीं करवाए बल्कि अपनी मध्यम गति की गेंदबाजी के द्वारा भी बहुत जीते हासिल करवाई। शुरुआत में उन्होंने अपनी गेंदबाजी को मध्यम स्तर पर रखा लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी गेंदबाजी में शुरुआती दौर पर सुधार करते हुए तेज गेंदबाज के रूप में उभरकर सामने आए और विरोधी कीमती विजेताओं के गले से गले बूढ़ा आदमी।

सन 1994 में कपिल देव ने विरोधी टीम श्रीलंका के खिलाफ मैच के दौरान सबसे ज्यादा विकेट ली जिनकी संख्या 429 थी। यह अब तक का उन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था जो कि काबिले तारीफ है और यह रिकॉर्ड उनका बुलंदियों के स्तर पर स्वर्णिम अक्षरों द्वारा लिखा गया क्रिकेट इतिहास में।

Full information about cricketer Kapil Dev history

January 30, 1994 को Kapil Dev ने श्रीलंका के विरुद्ध Bengaluru test में खेलते हुए 431 विकेट लेकर न्यूजीलैंड के Sir Rechard Heddly की बराबरी कर डाली।

“तुम्हारी योग्यता और अलौकिक संकल्प शक्ति का पुरस्कार है यह,” ये शब्द लिखे थे कपिल की उपलब्धि पर, बधाई संदेश में, सर रिचर्ड हैडली ने।

Kapil Dev ने अपने क्रिकेट के History जिनको बताने की कोशिश हमने यहां पर की है-

  1. 1979-1980 – Arjun Award
  2. 1982  – Padam Shree Award
  3. 1983  – wisten cricketor of the year.
  4. 1991  – padma bhushan.
  5. 2002  – wisden indian cricketer of the Year
  6. 2010  – ICC cricket Hall of fame.
  7. 2013  – The 25 Greatest Global living Legends IN India
  8. 2013  – ck. Nayudu life time Achivement award Cannounceal.

मनोज प्रभाकर द्वारा सट्टेबाजी में Kapil Dev को फसाना-

Kapil Dev को जब मनोज प्रभाकर द्वारा सट्टेबाजी में फसाया गया तो उन्होंने अपने भारतीय टीम के कोच पद को त्याग दिया जो कि भारतीय टीम के लिए बहुत ही दुखदाई क्षण था। मनोज प्रभाकर ने हालांकि बहुत ही गंदे तरीके से कपिल देव को सट्टेबाजी के इस कुख्यात खेल में फसाया लेकिन सच सामने आकर ही रहता है इसलिए कपिल देव को मनोज प्रभाकर द्वारा सट्टेबाजी में फसाया जाना कानूनी रूप से गैरकानूनी था और इसकी सजा मनोज प्रभाकर को भुगतनी पड़ी। उसके बाद कपिल देव ने दिल्ली में सन 2004 में खुशी नाम की एक संस्था का आयोजन किया और फिर भारतीय आर्मी द्वारा होने मुख्य सेना का कर्नल भी घोषित किया गया

सन 1986 भारत की टीम को एक दिवसीय क्रिकेट श्रंखला में अगर किसी ने भारतीय टीम को विजेता बनाया है तो वह है सिर्फ और सिर्फ कपिल देव क्योंकि कपिल देव ने अपनी धुआंधार और खतरनाक पारी खेलकर इस मैच को भारत के नाम किया। कपिल देव ने बहुत सारी अंतर्राष्ट्रीय पारी खेली और भारत को जीत दिलाई जिनमें से सबसे बड़ी पारी विश्व कप की थी जिनमें उन्होंने 175 रन की शानदार पारी खेली और उनकी इस पारी को आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में बुलंदियों के तौर पर एक स्वर्णिम अक्षरों द्वारा अंकित की गई है जिसको मिटा पाना किसी के भी बस की बात नहीं है।

क्रिकेटर Kapil Dev क्व बारे में पूरी जानकारी हिंदी में

  • उम्र – 60 साल
  • हाइट – 5 फुट 2 इंच
  • बेटी का नाम – अमिया देव
  • प्रथम टेस्ट मैच – पाकिस्तान में

कपिल देव एकमात्र ऐसे बल्लेबाज तो है जो सबसे कम उम्र के सबसे पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने बहुत ही अचंभित रूप से 130 टेस्ट मैचों की अखंड पारी में 5252 रन बनाएं। इसी के साथ उन्होंने एक और चमत्कार भी कर दिखाया की 130 टेस्ट मैचों की अखंड पारी में उन्होंने 450 विकेट भी अपने नाम कर लिए। यह उस समय का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था जो कि सिर्फ और सिर्फ आज भी क्रिकेट इतिहास में कपिल देव के नाम है और किसी के भी नाम नहीं है।Kapil Dev Biography

Kapil Dev का क्रिकेट से संन्यास-

कपिल देव ने भले ही क्रिकेट के मैदान से सन्यास ले लिया है लेकिन वह आज भी क्रिकेट मैदान से जुड़े हुए हैं क्योंकि वह आज भी भारतीय टीम को एक कोचिंग कोच के नाते उन्हें नए-नए पैतरे बताते हैं और उनको हर मैच के प्रति दाव बताते हैं कि ताकि वह सामने वाली टीम को किसी भी हालत में हरा सके। कपिल देव खिलाड़ियों के मन में एक उमंग भर देते हैं और इतना उत्साह भर देते हैं कि कोई भी खिलाड़ी क्रिकेट के मैदान में अपना पूरा जोर लगा देता है मैच को जीतने में और इसी की बदौलत भारतीय टीम अपने नाम हर मैच में जीत हासिल करती हैं।

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