Madhya Pradesh History in hindi : अपने नाम से ही वर्णित प्रदेश है मध्य प्रदेश जो की हमारे देश के मध्य में बसा हुआ है। ये प्रदेश अनेक संस्कृतियों और सम्प्रदायों का समागम है। क्षेत्रफल के हिसाब से ये भारत का बड़ा प्रदेश था ,जिसमे से कई जिले निकालकर 1 नवंबर 2000 को एक नए राज्य छत्तीसगढ़ का गठन हुआ।

मध्य प्रदेश का इतिहास History of Madhya Pradesh

यहाँ अनेक कलाएं जैसे नित्य कला,संगीत कला ,गायन तथा साहित्य तथा अन्य कई कलाओ के लिए ये प्रदेश भारत एक अलग स्थान रखता है। यह पांच तरह की संस्कृतियों का समावेश है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और सब से बड़ा शहर इंदौर है। यहाँ कई प्रमुख महाविद्यालय भी है। ” Madhya Pradesh Historyमध्य प्रदेश इतिहास– Madhya Pradesh History –History MadhyaPradesh hindi

इसकी सीमा पांच राज्यों को छूती है। जिसमे उत्तर प्रदेश,छत्तीसगढ़,राजस्थान,महाराष्ट्र था गुजरात समिल्लित है।मध्य प्रदेश का इतिहास History of  Madhya Pradesh पाषाण युग जितनी ही पुराणी है जिसके उत्तम नमूने भीमबेटका,रायगढ़ ,जवारा ,पंचमणी है। बात करे मौर्या वंश की तो यहाँ के मालवा और अवंति में मौर्यो का साम्राज्य था।

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एक छोटा सा परिचय मध्य प्रदेश का A Quick view of Madhya Pradesh History

  • मध्यप्रदेश का गठन -1 नवंबर 1956 प्रथम मुख्यमंत्री- श्री रविशंकर शुक्ला
  • वर्तमान प्रधानमत्रीं-श्री शिवराज सिंह चौहान राज्यपाल-आनंदी बेन पटेल
  • राजधानी- भोपाल सब से बड़ा क्षेत्र-इंदौर
  • राज्य पशु-बारहसिंघा राज्य पक्षी-दूधराज
  • कुल विधानसभा सीटें-230 कुल विश्विद्यालय-
  • राजकीय वृक्ष –बरगद राजकीय फसल-सोयाबीन
  • राजकीय खेल-मलखंभ राजकीय फूल -पलाश   
  • कुल नगर -61

मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक नगर Culture Cities of Madhya Pradesh History

मध्य प्रदेश के इतिहास History of Madhya Pradesh में पांच ऐसी जगह है जो की सब से ज्यादा पुरानी और महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिनमे बुंदेलखंड Buldelkhand,निमाड़  Nimad,मालवा Malva,ग्वालियर ,बघेलखण्ड शामिल है। मध्यप्रदेश का इतिहास History of Madhya Pradesh अलग-अलग काल में अपनी महत्वता रखता है।आइये जानते है किस काल में मध्यप्रदेश का इतिहास की क्या रहा है।

पाषाण काल  में मध्य प्रदेश का इतिहास Stone Age

मध्यप्रदेश के नर्मदा नदी के तक से न जाने कितने पाषाण कालीन उपकरण पाए गए जिस से ये साफ़ पता चलता है।  इस युग में मध्यप्रदेश एक महत्वपूर्ण जगह थी। बाद में नर्मदा नदी के तट पर मनुष्यो की बस्तियाँ बनने लगी।जैसा की हम जानते है की पाषाण काल Stone Age में लोग अपनी संस्कृति को पथरो पे बनाते थे ,ऐसी ही कुछ 30,000 ईसा पूर्व 30000 B.C की तस्वीरें या चित्र आप को यहाँ की गुफाओ पर देखने को मिल सकती है। यहाँ ताम्र युग के भी कुछ अवशेष मिलते है।

वैदिक काल में मध्यप्रदेश का इतिहास Madhya Pradesh History in Vedic Period

वैदिक काल में भी मध्य प्रदेश के अनेक नगरों की एहम भूमिका देखि गयी है। जिसमे नर्मदा नदी का उल्लेक्ख वेदो में भी किया गया है था वैदिक काल Vedic Period में कुछ ऐसे राजा थे जिन्होंने मध्य प्रदेश के कई नगरों जैसे अवंति ,उज्जैनी,महिष्मति में राज्य किया। ‘ Madhya Pradesh History ‘

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अवंति नगरी का वैदिक काल Vedic Period में बहुत महत्व रहा है। ऐसा माना जाता है की इस समय में अवंती उपमहाद्वीप की सब से बड़ी शक्ति थी,यहाँ पर एक कई राज्यवंशो ने राज्य किया। सोलह महाजनपदों की दौड़ में मध्य प्रदेश भी शामिल था और देश के मध्य में होने था खेत्रफल की दृस्टि से सब से बड़ा होने के कारण अपना अलग स्थान भी रखता था। कई प्राचीन ग्रंथो में भी मध्य प्रदेश के नगरों का उल्लेख मिलता है।

मौर्या काल Maurya’s Period Madhya Pradesh History

मौर्या काल Maurya Kaal से भी मध्यप्रदेश का इतिहास है। मौर्या काल में वर्तमान मध्य प्रदेश के सरे क्षेत्र शामिल थे। इस काल में उज्जैन और अवंति प्रमुख नगरों में से एक थे। यहाँ तक की सम्राट अशोक की पत्नी भी मध्य प्रदेश के भोपाल से ही थी ,उस समय भोपाल को विदिशा के नाम से जाना जाता था।

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इस काल में ये एक वाणिज्य क्षेत्र के रूप में भी विख्यात था क्युकी यहाँ पर जो मार्ग अरबसागर और गंगा मैदानी क्षेत्र को जोड़ते थे वो यही से हो कर जाते थे। हिन्दू और बौद्ध लोगो की श्रद्धा का केंद्र भी यहाँ माना जाता है। परिवराज वंश ने मौर्या वंश के सामंत के तौर पर यहाँ अपना अधिपत्य स्थापित किया। यहाँ पर स्थित जो भाग पश्चिम में जो मौर्या वंश का अभिन्न अंग था उसे आज मालवा के नाम से जाना जाता है।

मध्यकाल में मध्यप्रदेश Madhya Pradesh History

मौर्या साम्राज्य के खत्म होने के बाद कुछ समय तक शुको और हूणों ने राज्य किया पर 528 में मालवा एक एक राजा जिनका नाम यशोधर्मन था शुको को हरा कर अपना साम्राज्य स्थपित किया। मध्यकाल में medival period राजपुतो का राज्य उत्कर्ष पर था।

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जिसमे  मालवा के परमार Parmaras और बुन्देरलखण्ड के चंदेल Chandels शामिल थे। आज जो खजुराहो Khajuraho Temple का मदिर आप देख सकते है वो मंदिर इसी युग में बना जिसे चंदेलो ने 950 से लेकर 1050 तक बनवाया।

आधुनिक युग Moden Period Madhya Pradesh History

इस युग में ज्यादातर क्षेत्र अकबर के साम्राज्य में आते थे। पर जब औरंजेब के मृत्यु 1707 में हो गयी तब मुग़ल साम्राज्य कमज़ोर पड़ गया। जिसके बाद 1720-1760 तक यहाँ के कई हिस्सों पर मराठाओ का अधिकार रहा।इस काल में अंग्रेजो ने भी शासन किया जिसमे भोपाल,नागपुर,रीवा जैसे नगर प्रिंस्ली स्टेट बन गए।

जिसको Central Indian Agency चलती थी। 1853 में अंग्रेज़ो ने नागपुर पर कब्ज़ा कर लिया जिसमे ज्यादातर भाग छत्तीसगढ़ का कुछ दक्षिणी भाग मध्यप्रदेश का और कुछ भाग महाराष्ट्र का था।

आज़ादी के बाद का काल After Indepence Madhya Pradesh History

मध्यप्रदेश को 1950 में British Central Provision ने बनाया था जिसकी राजधानी उस समय नागपुर हुआ करती थी। बाद में सं 1950  मध्यभारत,विंध्यप्रदेश और भोपाल को मिला कर एक वर्तमान मध्य प्रदेश की स्थापना की गयी  जिसकी राजधानी भोपल है। वर्ष 2000 में इस राज्य के कुछ हिस्से निकाल कर छत्तीसगढ़ राज्य बना। मध्य प्रदेश से कुछ जुड़े कुछ तथ्य.

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  • शिक्षासाक्षरता के मामले में यहाँ के 80 % पुरुष और 60 % औरते साक्षर है। और यहाँ कई बड़े महाविद्यालय भी है 
  • धर्म-यहाँ 90.9 %लोग हिन्दू,6.6% मुस्लिम,सिक्ख 0.2 % और ईसाई 0.3 % है। यह प्रदेश धार्मिकता में बहुत महत्व रखता है जिसमे उज्जैन,शिप्रा नदी और साची स्तूप है। 
  • संस्कृति ये विश्व धरोवल स्थल है। जिसमे भीमबेटका,खजुराहो और अन्य जगहे शामिल है। यहाँ के लोक गीत भी पूरे भारत में मशहूर है। ( Madhya Pradesh History )
  • अर्थवयवस्था Economy यहाँ लोग कृषि Agriculture से ही अपना घर चलाते है। यहाँ की महत्वपूर्ण फसलों में सोयाबीन,गेहूँ,राई,कपास,गन्ना,चावल,मक्का,सरसो आती शामिल है। 
  • यातायात यहाँ बस ,रेल और हवाई परिवहन के साधन है। 
  • भाषा-यहाँ पर बोली जाने वाली hindi भाषा है पर इसके अल्वा भी यहाँ पर कई भाषाएँ जैसे की बुंदेलखंडी,उर्दू ,मराठी ,तेलगु आदि शामिल है। 

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