मध्यकालीन भारत (Medieval India) ने अनेक शासकों के शासन का साक्षी बना। इतिहासकारों के अनुसार मध्यकालीन भारत का इतिहास (History Of Medieval India) सबसे सम्पन्न ओर सरस् रहा है। मध्यकालीन भारत वो काल था जो भारतिय  प्राचीनकाल (Ancient period) और भारतिय आधुनिक काल (Modern Period) के बीच घटित हुआ। मध्यकालीन काल का इतिहास इतना विशाल है की इसे अनेक इतिहास पाठकों ने अनेक प्रकार से परिभाषित किया है। मध्यकालीन काल की शुरुआत 6वी शताब्दी से हुई मानी गई है और इसका अंत 16 वीं शताब्दी के मध्य में हुआ माना जाता है।

मध्यकालीन भारत के शासक और  वास्तुविद की पूरा इतिहास Full history of Rulers and Architecture of Medieval India

मध्यकालीन भारत के शासक- पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट-(Palas Pratiharas And Rashtrakoots)मध्यकालीन भारत के शासक और वास्तुविद का पूरा इतिहास Medieval India in hindi

750-1000 ईस्वी के मध्य उत्तर भारत और डेक्कन (Deccan) में कई शक्तिशाली साम्राज्य पैदा हुए। जिनमें पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट सबसे महत्वपूर्ण थे।पाल राजवंश की स्थापना 750 ईस्वी में गोपाल द्वारा की गयी थी जो पहले एक मुखिया था लेकिन बाद में बंगाल का राजा बन गया था। वास्तव में वह बंगाल का पहला बौद्ध राजा था। गौ़ड राजवंश को उनके गढ़ कामरूप में शिकस्त देने के बाद उसने अपना प्रभुत्व स्थापित किया था। जब उसकी मृत्यु हुयी थी तब बंगाल और बिहार के अधिकांश हिस्से उसके नियंत्रण में थे।

प्रतिहार गुर्जर प्रतिहार वंश की स्थापना 6 वीं शताब्दी ईस्वी में हरीचंद्र द्वारा की गयी थी। वे 11 वीं सदी तक प्रभावशाली बने रहे थे। यह कहा जाता है कि उनका उदय उज्जैन या मंदसौर से हुआ था। नागभट्ट- प्रथम इस वंश का पहला महत्वपूर्ण शासक था। उसने 730 ईसवी से 756 ईसवी तक शासन किया था। राष्ट्रकूट
कन्नड़ मूल के थे और उनकी मातृभाषा कन्नड़ थी। राष्ट्रकूट वंश की स्थापना 8 वीं सदी में दन्तिदुर्ग द्वारा की गयी थी। उसने डेक्कन में राष्ट्रकूटों को एक सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसने गुर्जरों को हराने के बाद मालवा पर आधिपत्य कर लिया था। उसने कीर्तिवर्मन द्वितीय को भी पराजित कर चालुक्य राज्य पर आधिपत्य स्थापित कर लिया था।

मध्यकालीन भारत के शासकों का इतिहास  history of Rulers of Medieval India

दिल्ली सल्तनत-

(Razia Sultan) रज़िया सुल्तान का जन्म 1205 मे हुआ था और उसने देश पर सन 1236 से 1240 तक शासन किया। रज़िया सुल्तान दिल्ली के सिंहासन मे हस्तक्षेप करने वाली पहली मुस्लिम महिला थी। उसने दिल्ली का शासन अपने पिता से उत्तराधिकार मे प्राप्त किया था और 1236 मे दिल्ली की सल्तनत बनी।

मोहम्मद बिन तुगलक (1351 ईश्वी-1388 ईश्वी)

खिलजी khilji प्रशासन के अंतिम शासक खुसरो खान की गजनी मलिक द्वारा हत्या कर दी गयी थी, जो सिंहासन पर आसीन था और गयासुद्दीन तुगलक की उपाधि हासिल कर रखी थी। एक दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गयी और उसका पुत्र जौना (उलूग खान) 1325 में मोहम्मद-बिन-तुगलक की उपाधि के साथ उसका उत्तराधिकारी बना था।

लोधी वंश Lodhi Empire

भारत में लोधी वंश 1451 में बहलुल लोधी के साथ सत्ता में आया था जो उस समय सैय्यद राजवंश के अलाउदीन आलम के अधीन सरहिन्द का शासक था. कहा जाता है कि बहलुल लोधी ने होशियारी से काम किया और सैय्यद शासकों के पिता के कमजोर स्थिति का लाभ उठाते हुए दिल्ली पहुंचने से पहले पंजाब पर कब्जा कर लिया था.

मध्यकालीन भारत के शासक और का पूरा इतिहास  history of Rulers of Medieval India

महमूद गजनवी, गजनी का शासक था जिसने 971 से 1030 AD तक शासन किया | वह सुबक्त्गीन का पुत्र था | भारत की  धन-संपत्ति से आकर्षित होकर, गजनवी ने भारत पर कई बार आक्रमण किए | वास्तव में गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया | उसके आक्रमण का मुख्य मकसद भारत की संपत्ति को लूटना था।

  1. 1. बाबर– 1526 – 1530 (Babur)

बाबर भारत में मुगल वंश के संस्थापक था उन्होंने  लोधी राजवंश को समाप्त कर मुग़ल वंश की नींव रखी। बाबर का पूरा नाम ज़हिर उद-दिन मुहम्मद बाबर था। बाबर का जन्म फ़रगना घाटी के अन्दीझ़ान नामक शहर में हुआ था। भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी। और यहाँ से मुग़ल काल के इतिहास की शुरूआत हुई। Mughal History मुग़ल इतिहास यहाँ से आगे बढ़ कर

मध्यकालीन भारत के शासक और  वास्तुविद का पूरा इतिहास Full history of Rulers and Architecture of Medieval India

नसीरुद्दीन मोहम्मद हुमायूँ – 1530-1540 (Humayun)मुगल शासक हुमायूँ मुग़ल साम्राज्य के दूसरे बादशाह थे। जिन्होंने अपने पिता बाबर की मृत्यु के बाद 1556 तक राज किया। हुमायूँ के मृत्यु तक मुग़ल साम्राज्य बहुत ज्यादा विस्तृत होता चला गया थ।

जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर – 1556-1605 तक पहुँचा (Jalaluddin Mohammad Akbar)-

अकबर अपने पिता के मृत्यु के बाद 14 वर्ष की आयु में ही मुग़ल साम्राज्य के अगले शासक बन गए जिन्होंने एक नए स्वरूप में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना करते हुए पहचान बनाई। अकबर ने 1605 में मृत्यु तक मुग़ल साम्राज्य पर राज किया। मध्यकालीन भारत की प्राचीन कहानी में (Historical story of Medieval India) में आगे-

बहादुर ज़फ़र शाह II – 1837-1857 (Bahadur Shah Zafar -2)
बहादुर ज़फ़र शाह II मुग़ल साम्राज्य (Mughal Empire) के आखिरी बादशाह थे। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रजों के खिलाफ़ लढ़े जिसमे उन्हें हार प्राप्त हुयी। हार के बाद अंग्रजों ने उन्हें अभी के म्यांमार में भेज दिया जहाँ वो उनके मृत्यु तक रहे। और इस तरह उनके मृत्यु के साथ मुग़ल साम्राज्य का अंत हो गया।

मध्यकालीन भारत की विश्व विख्यात इमारतें- World Famous Buildings of Medieval India

लाल किला Red Fort-

1857 तक तकरीबन 200 सालो तक मुगल साम्राज्य का निवास स्थान था। लाल किला / Red Fort दिल्ली में है। मुगल शासनकाल में लाल किला मुख्य किले के रूप में था, ब्रिटिशो के लगभग सभी कार्यक्रम लाल किले में ही होते थे।

ताज महल Taj Mahal

ताज महल का निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ (शासनकाल 1628 से 1658) ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था, ताजमहल का निर्माण कार्य 1632 में शुरू हुआ।शाहजहाँ चाहते थे की दुनिया मुमताज़ और उनकी प्रेम कहानी को हमेशा याद रखे, इसीलिए उनकी याद में वे कुछ ऐतिहासिक धरोहर बनाना चाहते थे। जिसमे ताजमहल का निर्माण हुआ।

मध्यकालीन भारत की  इमारतें- Buildings of Medieval India

कुतुब मीनार Qutub Minar-1200 AD में दिल्ली सल्तनत के संस्थापक क़ुतुब-उद-दिन ऐबक ने क़ुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया. 1220 में ऐबक के उत्तराधिकारी और पोते इल्तुमिश ने क़ुतुब मीनार का निर्माण कार्य किया।

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हवा महल Hawa Mahal-इसका निर्माण 1799 में महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था। हिन्दू भगवान कृष्णा के मुकुट के रूप में ही लाल चंद उस्ताद ने इसे डिज़ाइन कीया था। इस पाँच मंजिला ईमारत के बाहर समान आकर के शहद के छत्ते भी लगे हुए है और महल में 953 छोटी खिड़कियां भी है जिन्हें झरोखा कहा जाता है और इन झरोखो को बारीक़ कलाकृतियों से सजाया भी गया है।

मध्यकालीन भारत के शासक और  वास्तुविद की पूरा इतिहास Full history of Rulers and Architecture of Medieval India-

मध्यकालीन भारत की अन्य ऐतिहासिक इमारतें-

  • हुमायूँ का मकबरा 1572
  • गोल गुम्बज़ 1626
  • जंतर मंतर 1724
  • महाबोधी मंदिर तृतीय शताब्दी
  • फतेहपुर सीकरी 1569
  • चार मीनार 1591
  • बुलन्द दरवाज़ा 1576
  • आगरा का किला 1573

तो यह थी मध्यकालीन भारत के शासक और  वास्तुविद का पूरा इतिहास Full history of Rulers and Architecture of Medieval India की सम्पूर्ण जानकारी ।

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