आज हम आपको in सभी बातो के बारे में बताने वाले है जैसे की मुगल साम्राज्य का इतिहास, मुगल वंशावली, मुगल सम्राट अकबर, मुग़ल बादशाहों की सूची, अंतिम मुगल बादशाह कौन था, मुघल इतिहास, मुगल साम्राज्य का पतन, मुगल साम्राज्य, History of the Mughal Empire, Mughal genealogy, Mughal emperor Akbar, the list of Mughal emperors, who was the last Mughal emperor, Mughal history, the decline of the Mughal empire, the Mughal empire in सभी के बारे में बताएँगे.मध्यकालीन भारत का मुग़ल इतिहास | Mughal History of Medieval India in hindi

मुग़ल साम्राज्य के इतिहास की पूरी जानकारी | Mughal Empire History in hindi

कालीन भारत का अतुलनिलय मुग़ल इतिहास Incomparable Mughal History of Medieval India– मुग़ल साम्राज्य Mughal Empire-का आरम्भ 1526 में हुआ, जिसने 18 शताब्दी के आरंभिक काल तक भारतीय उप महाद्वीप में राज्य किया था। जो 19 वी शताब्दी के मध्य तक लगभग पतन के समीप आ गया था।

मुग़ल साम्राज्य तुर्क-मंगोल पीढी के तैनुर वंशी थे। मुग़ल साम्राज्य – Mughal Empire ने 1700 के आसपास अपनी ताकत को बढ़ाते हुए भारतीय महाद्वीपों के लगभग सभी हिस्सों को अपने साम्राज्य में में युद्ध कर शामिल कर लिया था।

मुग़ल काल  Mughal Era का प्रथम सम्राट पहले बादशाह बाबर (Babur) था बाबर ने ही मुग़ल साम्राज्य की नींव रखी थी। और अंतिम बादशाह बहादुर शाह द्वितीय (Bahadur Shah Zafar-2) थे। तब तक उस समय इस साम्राज्य में लगभग 12 करोड़ लोग शामिल थे। । तो आईये अब जानते है मुग़ल साम्राज्य का सम्पूर्ण इतिहास साम्राज्य – Mughal History

मध्यकालीन भारत का मुग़ल इतिहास | Mughal History of Medieval India in hindi

मुग़ल साम्राज्य के सम्राट Rulers of Mughal Era

बाबर– 1526 – 1530 (Babur)

बाबर भारत में मुगल वंश के संस्थापक था उन्होंने  लोधी राजवंश को समाप्त कर मुग़ल वंश की नींव रखी। बाबर का पूरा नाम ज़हिर उद-दिन मुहम्मद बाबर था। बाबर का जन्म फ़रगना घाटी के अन्दीझ़ान नामक शहर में हुआ था। भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी। और यहाँ से मुग़ल काल के इतिहास की शुरूआत हुई। Mughal History मुग़ल इतिहास यहाँ से आगे बढ़ता है.


नसीरुद्दीन मोहम्मद हुमायूँ – 1530-1540 (Humayun)

मुगल शासक हुमायूँ मुग़ल साम्राज्य के दूसरे बादशाह थे। जिन्होंने अपने पिता बाबर की मृत्यु के बाद 1556 तक राज किया। हुमायूँ के मृत्यु तक मुग़ल साम्राज्य बहुत ज्यादा विस्तृत होता चला गया था। जिस के बाद मुग़ल इतिहास Mughal History में-


शेर शाह सूरी – 1540-1545 (Sher Shah Suri) आए

शेर शाह सूरी ने सूरी साम्राज्य (Suri Dynasty) के संस्थापक थे। जिन्होंने मुग़ल साम्राज्य (Mughal Era) के एक छोटे से सेनापति के रूप में काम करते हए शुरुआत की थी और एक सैनिक के रूप में काम करते करते बढ़त पाकर सेनापति बन गए। जब मुग़ल शासक हुमायूँ किसी अभियान पर थे तभी शेर शाह सूरी ने मुग़ल शासक के विरोध में जाकर बंगाल पर अपना अधिपत्य हासिल कर  सूरी साम्राज्य की स्थापना की थी और यह मुग़ल साम्राज्य के इतिहास (History of Mughal Period) का एक मुख्य अध्याय था।

मध्यकालीन भारत का अतुलनिलय मुग़ल इतिहास


इस्लाम शाह सूरी – 1545-1554 (Islam shah Suri)

इस्लाम शाह सूरी ने अपने पिता शेर शाह सूरी के साम्राज्य को अग्रसर किया। जिसे उन्होंने 1545 से लेकर 1554 तक चलाया। लेकिन उसके बाद मुग़ल शासक हुमायूँ ने पुनः विजय प्राप्त कर हासिल कर लिया। उसके बाद मुग़लो के प्राचीन काल मे-



नसीरुद्दीन मोहम्मद हुमायूँ – 1555-1556 आए- (Naseeruddin Mohammad Humayun)

हुमायूँ ने 1555 में अपने हारे हुए साम्राज्य को ईरान साम्राज्य की सहायता लेकर इस्लाम शाह सूरी को हराकर मुग़ल साम्राज्य को फिर से स्थापित किया। लेकिन उसके एक साल बाद ही 1556 में हुमायूँ की मृत्यु हो गयी। उसके बाद मुग़ल इतिहास  Mughal History आगे बढ़ता हुआ



जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर – 1556-1605 तक पहुँचा (Jalaluddin Mohammad Akbar)-

अकबर अपने पिता के मृत्यु के बाद 14 वर्ष की आयु में ही मुग़ल साम्राज्य के अगले शासक बन गए जिन्होंने एक नए स्वरूप में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना करते हुए पहचान बनाई। अकबर ने 1605 में मृत्यु तक मुग़ल साम्राज्य पर राज किया। फिर मुग़ल इतिहास Mughal History के आध्याय में-

Incomparable Mughal History of Medieval India


नुरुद्दीन मोहम्मद जहाँगीर – 1605-1627 (Jahangir)

अपने पिता अकबर के मृत्यु के बाद जहाँगीर ने सत्ता संभाली। जहाँगीर ने 1605 से अपनी मृत्यु 1627 तक मुग़ल साम्राज्य पर राज्य किया।


शहाबुद्दीन मोहम्मद शाहजहाँ – 1627-1658 (Shahajahan)

शाहजहाँ अपनी पिता जहाँगीर के मृत्यु के बाद मुग़ल साम्राज्य के बादशाह बने जो मुग़ल साम्राज्य के सबसे बड़े लोकप्रिय और चर्चित रहने वाले बादशाह थे। शाहजहाँ ने ही विश्व विख्यात इमारत ताज-महल (Taj Mahal) का निर्माण उनकी बेगम मुमताज़ (Mumataz) के लिए करवाया था।


मोइनुद्दीन मोहम्मद औरंगजेब आलमगीर – 1658-1707 (Aurangzeb)

औरंगजेब मुगल साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली और धनि बादशाह थे।


बहादुरशाह जफर I उर्फ शाह आलम I – 1707-1712 (Bahadur Shah Zafar)

-बहादुरशाह जफर I उर्फ शाह आलम I मुग़ल साम्राज्य पर 1707 से लेकर 1712 तक पांच साल राज्य किया।

मुग़ल साम्राज्य Mughal Empire History hindi


र शाह – 1712-1713 (Jahandarashah)


फुर्रूखसियर – 1713-1719 (Farukh)


रफी उल-दर्जात – 1719 (Rafi)


रफी उद-दौलत उर्फ शाहजहाँ II – 1719 (Rafi-2)


निकुसियर – 1719 (Nikusiyar)


मोहम्मद इब्राहिम – 1720 (Ibrahim)


मोहम्मद शाह –  1720-1748 (Mohammad Shah)


अहमद शाह बहादुर – 1748 (Ahmed Shah Bahadur)


आलमगीर II – 1754-1759 (Alamgeer)


शाहजहाँ III – 1759 (Shahjahan-3)


शाह आलम II – 1759-1806, 1806-1837 (Shah Alam-2)


बहादुर ज़फ़र शाह II – 1837-1857 (Bahadur Shah Zafar -2)

बहादुर ज़फ़र शाह II मुग़ल साम्राज्य (Mughal Empire) के आखिरी बादशाह थे। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रजों के खिलाफ़ लढ़े जिसमे उन्हें हार प्राप्त हुयी। हार के बाद अंग्रजों ने उन्हें अभी के म्यांमार में भेज दिया जहाँ वो उनके मृत्यु तक रहे। और इस तरह उनके मृत्यु के साथ मुग़ल साम्राज्य का अंत हो गया।


मुग़ल साम्राज्य का निर्माण कार्य Architecture of Mughal Era

भारतीय इतिहास के लिए भी मुग़लों का प्रमुख योगदान उनकी अनूठी कला थी। मुग़ल काल के दौरान मुस्लिम सम्राटों द्वारा ताज महल सहित कई महान स्मारक बनाए गए थे। मुस्लिम मुग़ल राजवंश ने बड़े-बड़े महलों, कब्रों, मीनारों और किलों का निर्माण कार्य सम्पन्न किया था जो आज दिल्ली, ढाका, आगरा, जयपुर, लाहौर, शेखपुरा, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश, हैदराबाद, भोपाल, लखनऊ आदि कई अन्य शहरों की खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे हैं।


उनके उत्तराधिकारियों ने, मध्य एशियाई देश की यादों के साथ है जिसके लिए उन्होंने इंतज़ार किया, उपमहाद्वीप की संस्कृति का एक कम जानिबदार दृश्य लिया और काफी सुंदर बने। उन्होंने कई उपमहाद्वीपों के लक्षण और प्रथा को सम्प्पन्न  किया। भारत के इतिहास में दूसरों की तुलना में मुग़ल काल ने भारतीय, ईरानी और मध्य एशिया के कलात्मक, बौद्धिक और साहित्यिक परंपरा का एक और अधिक उपयोगी का सम्मिश्रण  सभी के सामने पेश किया।

भारतीय उपमहाद्वीप की दोनों, हिन्दू और मुस्लिम परम्पराओं, संस्कृति और शैली पर भारी प्रभाव पड़ा था। वे उपमहाद्वीप के समाजों और संस्कृति के लिए कई उल्लेखनीय बदलाव लाए। यहीं कारण है की मुग़ल साम्राज्य का इतिहास इतनी अधिक महत्वता रखता है। (Importance of History Of Mughal)

मुगल के इतिहास का महत्व – Importance of History Of Mughal

मुग़लों के द्वारा किये गए निर्माण ने भारत को वर्तमान काल में भी अद्भुत सौंदर्य की तस्वीर प्रदान की है। इस साम्राज्य ने कलात्मक प्रतिभा के विकास के लिए एक सुरक्षित ढांचा पेश किया और इस उपमहाद्वीप के इतिहास में अद्वितीय धन और संसाधनों को बढावा दिया। स्वयं मुग़ल शासक कला के असाधारण संरक्षक थे, जिनकी बौद्धिक क्षमता और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को सबसे परिष्कृत और अतुलनिलय तौर से इस निर्माण को परिभाषित किया था।

हालाँकि जिस पर उन्होंने कभी शासन किया था वह हिन्दूस्तान अब पाकिस्तान, भारत और बंगलादेश में विभाजित ज़रूर हो गया है, लेकिन उनका प्रभाव आज भी उतना ही व्यापक औऱ विशाल है  जितना उस काल में हुआ करता था। मुग़ल  काल के सम्राटों के मकबरे भारत और पाकिस्तान भर में स्थापि हैं। इनके 160 लाख वंश, महाद्वीप और संभवतः दुनिया भर में फैले हुए हैं।

Mughal Empire History in hindi

इस कथन में कोई संदेह नहीं कि मुग़ल काल का इतिहास स्वयं में ही एक इतिहास है जो आज भी सजीव है। यहीं कारण है की इतने वर्षों बाद भी मुग़ल काल का इतिहास (History of Mughal Empire)अपनी अखण्डता को बरकरार रखे हुए है।

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