Pura Pashan Kal Madhya Pashan Aur Nav Pashan Yug Ke Puri Itihas Jankari

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आज इस Post मे हम जानेंगे Pura Pashan Kal , Madhya Pashan Aur Nav Pashan Yug के तीनों हिस्सों के बारे मे: पुरापाषाण (PALEOLITHIC AGE) , मध्यपाषाण युग (MESOLITHIC AGE) और नवपाषाण काल (NEOLITHIC AGE) । हम अगर आज अपने इतिहास के बारे मे कुछ भी जानते हैं तो वह इतिहासकारों को मिले प्रमाणों पर आधारित होता है न की किसी काल्पनिक कहानी पर।

Pura Pashan Kal - Madhya Pashan Aur Nav Pashan Yug K Puri Itihas Jankari

पाषाण काल Pashan Kal का अंग्रेज़ी मे अर्थ होता है Stone Age जिसका तात्पर्य उस समय से है जब लोग अनेकों काम के लिए पत्थरों का इस्तेमाल करते थे जैसे की पत्थरों से आग जालना या फिर पत्थरों के हथियार बना कर शिकार करना। इसे हम इतिहास की शुरुवात भी मान सकते हैं और इसके बिना पूरा इतिहास सम्पूर्ण रूप से अधूरा है। पाषाण काल लगभाग 25 लाख वर्ष (2.5 million years) तक चला और इसे खतम हुए करीब आज से 5000 साल हो चुके हैं। इसका अंत तब हुआ जब मानव ने Bronze जैसे धातुओं का प्रयोग करना शुरू कर दिया।

Pura Pashan Kal (PALEOLITHIC AGE History) पुरापाषाण काल की पूरी जानकारी

यह वह काल था जब मनुष्य चलने के लिए हाथों और पैरों दोनों का इस्तेमाल करना छोड़ कर सिर्फ पैर की मदद से चलने लगा। ऐसा करने के कारण मानव के हाथ अब अलग अलग प्रकार के कार्य करने के लिए Free हो गए थे। धीरे धीरे इंसान का Evoloution होता गया और देखते ही देखते मनुष्य का दिमाग भी सोचने के काबिल हो गया। इस काल को तीन हिस्सों मे बांटा गया है:

pura Pashan Kal ke yug

  • आरंभिक पुरापाषाण (Lower PALEOLITHIC age)
  • मध्य पुरापाषाण  (Middle PALEOLITHIC age)
  • उत्तर पुरापाषाण (Upper PALEOLITHIC age)

इन अलग अलग कालों की मदद से हमे समझ आता है की कैसे मनुष्य समय के साथ विकसित होता चले गया और उसमे समय समय पर क्या बदलाव आए। यह वही युग था जिसमे मानव गुफाओं यानि की Caves मे रहते थे और पत्थरों का सबसे ज़ादा उपयोग करते थे। पुरापाषाण काल मे मनुष्य सबसे अधिक समय तक रहा है।

पुरापाषाणकाल  के प्रकार | Types of Paleolithic Age

1) आरंभिक पुरापाषाण काल (Early archaeological period)

यह काल 5,00,000 BC से 40,000 BC तक रहा। इस काल मे मानव शिकार, मछ्ली पकड़ना और भोजन इकट्ठे करने जैसे कार्य करते थे। इनके हथियार क्लीवर चाकू और पत्थर से बनी कुल्हाड़ी होते थे। मानव अपने तन को ढकने के लिए पत्तों का इस्तेमाल करने लगा था। इस समय के मानव गुफाओं मे रहते थे। इस काल मे Agriculture यानि की खेती और आग जैसी चीजों का ज्ञान मनुष्य को नहीं था। ना ही इस काल मे मनुष्य पहिया बना पाया था जिसके कारण वह लंबे यात्रा करने मे असमर्थ था।

pura Pashan Kal ke auzar

2) मध्य पुरापाषाण काल (Middle Paleolithic AGE)

यह काल 40,000 BC से 23,000 BC तक रहा। इस काल मे भी मानव ने भोजन के लिए शिकार, मछ्ली पकड़ना और खाना खोजने जैसी ही प्रक्रिया को ही निभा रहे थे। इस काल मे मनुष्य ने Blades, Borer, Point और Scraper जैसे उपकरण बनाने और इस्तेमाल करना सीख लिया था। अपने तन को ढकने के लिए मानव अभी भी पत्तों का इस्तेमाल कर रहा था। इस काल मे भी इंसान agricultute, आग और पहिये की खोज नहीं कर सका था।

3) उत्तर पुरापाषाण काल (North Palaeolithic period)

यह काल 23,000 BC से 10,000 BC तक रहा। इस काल मे भी मानव को Agriculture से संबन्धित कोई जानकारी नहीं थी और वह खाने के लिए शिकार, मछ्ली पकड़ने और खाना खोजने वाली प्रक्रियाओं पर ही निर्भर था। इस काल  मनुष्य ने Tools बनाने के लिए जानवरों के हड्डियों का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। ही भी मनुष्य तन को ढकने के लिए पत्तों का इस्तेमाल कर रहा था। इस काल मे मनुष्य आग की खोज के बेहद करीब पहुँच गया था।

भारत मे सबसी पहली Paleolithic Site Karnataka मे 1842 मे Dr. Primrose द्वारा खोजी गयी थी। उन्होने कर्नाटक district के Lingasugur Tehsil मे polished stone knives और  arrow-heads discover किए थे।

कुछ अन्य Paleolithic Sites :

  • Lidder River (Kashmir)
  • Soan River (Now in Pakistan)
  • Sirsa (Haryana)
  • Arawalli and Mewar Region (Rajasthan)
  • Mahi Sabarmati Region (Gujrat)
  • Tapti and Narmada Valley
  • Bhimbetka (Madhya Pradesh)

Madhya Pashan Kal (MESOLITHIC AGE) मध्यपाषाण युग की पूरी जानकारी

इस Pashan Kal की शुरुवात 10,000 BC से हुई और यह 7000 BC तक चला। यह पुरापाषाण काल और नवपाषाण काल के मध्य का काल था। इस काल की खासियत यह थी की इस काल मे छोटे छोटे पत्थरों का खूब इस्तेमाल हुआ जिसे “Microliths” के नाम से जाना जाता है। पहले तो मानव शिकार करके, मछ्ली पकड़ कर और यहाँ वहाँ से खाना ढूंढ कर अपना पेट भरते थे। लेकिन इस काल मे उन्होने पशुपालन (Herding) भी शुरू कर दिया था। Herding का proof या प्रमाण हमे Madhya-Pradesh के Hoshangabad नाम के जगह के पास स्तिथ Adamgadh मे मिलता है और Rajasthan के Bagor मे भी इसका प्रमाण मिलता है।

इस काल मे “मिक्रोलिथ” से बनाए जाने वाले सभी tools ज़ादा तर त्रिभुज आकार यानि की Triangular Shape के थे। जानवरों की खाल निकालने के लिए Point नाम के tool का इस्तेमाल किया जाता था। वैसे तो Bone Tools पुरापाषाण कल के समय ही इस्तेमाल किए जाने लगे थे लेकिन मध्यपाषाण कल मे इंका उपयोग भारी मात्रा मे किया जाने लगा। जब यह काल खतम होने वाला था उसी समय Initial Agriculture की भी शुरुवात हुई जिसकी मदद से मनुष्य ने अपना खाना produce करना सीख लिया।

madhya pashan kaal ke auzar

इस काल मे मनुष्य ने Agate, Chalcedony और Carnelian जैसे materials का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। तन को ढकने के लिए मनुष्य अभी भी जानवरों की खालें और पत्तियों का ही इस्तेमाल कर रहा था। इस काल मे मनुष्य के Habitat मे बदलाव आया और वह Jungle से बाहर निकाल कर मैदानों मे रहने लगे जैसे की River Plains और Coastal Plains मे।  इस काल मे Cave Painting के भी प्रमाण मिलते हैं। इस काल मे मनुष्य ने Fire यानि की आग की खोज भी कर ली थी। इस काल मे मिट्टी से बने बर्तनों के भी प्रमाण मिलते हैं। हालांकि मनुष्य ने अभ तक Wheel यानि की पहियों की खोज नहीं करी थी।

इस काल को सबसे पहली बार Carlyle ने 1867 मे Vindhya Range के Rock shelters यानि की चट्टानों के पास Discover किया। Cave मे की गयी paintings को “Petroglyphs” का नाम दिया गया। अब मनुष्य बड़े बड़े जानवरों का शिकार करने के बजाय छोटे छोटे जानवरों का शिकार करने लगा था। नीचे दी गयी कुछ Sites हैं जहां पर Mesolithic Age के प्रमाण मिलते हैं:

  • गुजरात (Gujrat)
  • दक्षिण राजस्थान (Southern Rajasthan)
  • कर्नाटक और आंध्रा प्रदेश (Karnataka and Andhra Pradesh)
  • बेलन वैलि और विंध्या (Belan Valley and Vindhyas of MP and UP)
  • नर्मदा घाटी (Narmada Valley)

Nav Pashan kal (NEOLITHIC AGE) नवपाषाण काल की पूरी जानकारी

नवपाषाण कल पाषाण काल का अकिरी पड़ाव माना जाता है क्यूकी इसके बाद पाषाण कल पूरी तरह से समाप्त हो गया था। नवपाषाण काल इतिहास के कुछ ज़रूरी पन्नों मे से एक है क्यूकी यह वही युग है जब मनुष्य के रहन सहन मे बड़े बड़े बदलाव आए और उसकी जीवनशैली पूरी तरह से बादल गयी। इसकी शुरुवात करीबन 9000 BC से Western Asia मे हुई परंतु भारत मे यह 7000 BC मे आया।

महरगढ़ (Mehrgarh) नवपाषाण युग की सबसे पुरानी Site (Oldest Site) है पूरे Southern Asia मे। बाकी जितनी भी Sites Discover करी गयी वे सब बेहद नहीं थी जिनकी शुरुवात 5000 BC से 1000 BC के बीच हुई। Herding यानि की पशुपालन और Agriculture यानि की खेती मनुष्य का Main Occupation बन गए। साथ ही मे Craftmanship की भी शुरुवात इसी युग मे हुई। अब मनुष्य बेहतर से अति बेहतर बर्तनों और अवजरों को बनाने मे सक्षम हो गया था।

nav pashan kaal ke auzar

इस युग मे Bows और Arrows का इस्तेमाल किए जाने लगा यानि की धनुष और बाण का प्रयोग शुरू हो गया। इस युग मे भी Agate नामक material का मुख्य रूप से इस्तेमाल हुआ। तन को ढकने के लिए मनुष्य ने जानवरों की खाल और पेड़ के पत्तों का ही इस्तेमाल किया। रहने के लिए यानि की Shelter के लिए मनुष्य ने मिट्टी के घरों यानि की Mud Houses का उपयोग करना शुरू कर दीय.

और इसी प्रकार वह Semi-Nomad से Settler बन गया। इसी युग मे मनुष्य ने Society बनाना आरंभ कर दिया जहां मिट्टी के घरों से छोटे छोटे Villages बन गए। अब मनुष्य खेती करने मे सक्षम था साथ ही मे उसने आग का इस्तेमाल खाना पकाने के लिए करना शुरू कर दिया। 5000 BC के बाद मनुष्य ने Wheel यानि की पहिये की भी खोज कर ली।

आज हम गाय, बकरी, भेड़ आदि पालते हैं, इसकी असल शुरुवात इसी युग मे हुई थी। Kashmir के Burzahom मे कुछ समाधियाँ मिली हैं जहां पर मानव के साथ उनके कुत्ते को दफनाया गया था जिससे इस बात के प्रमाण मिलते हैं की उस युग के मनुष्य भी कुत्ते पालते थे। इस काल मे उगाई जाने वाली कुछ फसलें यह थीं: जौ (Barley), गेंहू (Wheat), चावल (Rice)। Pakistan मे स्तिथ Mehrgarh South Asia की वह पहली Site थी जहां पर Agriculture की सबसे पहले शुरुवात हुई।

ताम्र पाषाण युग (Chalcolithic Age or Copper Stone Age)

इस युग को अँग्रेजी मे Eneolithic या फिर Aeneolithic Age भी कहा जाता है। कई बार इसे “Copper Age” के नाम से भी जाना जाता है। यह 5000 BC से शुरू हुआ और लगभग 800 BC मे खतम हुआ। जैसा की नाम से साफ है इस युग मे Copper और Stone दोनों का इस्तेमाल किया गया है। इस समय मनुष्य के Occupation मे Mining और Metallurgy भी जुड़ गए थे क्यूकी Copper को extract करना बिना mining के नामुमकिन था।

अब Copper और Bronze से बने अवजारों का इस्तेमाल होने लगा था जिनहे Khalkos कहते हैं। साथ ही मे Stone grinders का भी इस्तेमाल होता था जिसकी मदद से वे चीजों को पीसते थे। मछ्ली पकड़ने के लिए उन्होने Fish Hooks भी बना लिया था जिसकी मदद से मछली पकड़ना उनके लिए बेहद आसान हो गया था। इस काल के अनुष्य रहने के लिए Mud Houses यानि की मिट्टी के घरों का प्रयोग करते जिनकी दीवारों पर गाय के गोबर से प्लास्टर करते थे। इस युग मे मनुष्य ने Wheel और Bullock Cart की खोह कर ली थी जिसकी मदद से अब वे दूर दूर Travel करने मे सक्षम हो गए थे। इस युग मे मनुष्य ने कुछ practices करना भी शुरू कर दिया जैसे की निम्न:

  • मृत्यु के बाद इंसान को किसी एक Particular Direction मे दफनाया जाता था जैसे की North-South and East-West Direction.
  • भारत मे देवी माँ की विशेष रूप से पुजा करे जाने के भी प्रमाण मिलते हैं।
  • अग्नि कुंड की शुरुवात भी इसी युग मे हुई।

इसी युग मे Indus Valley Civilization की शुरुवात हुई। यह युग Civilization के लिए बेहद खास था क्यूकी इस युग मे मनुष्य के रहन सहन मे निम्न बदलाव देखे गए:

  • Town Planning: घर यूहीं कहीं बनाने के बजाए अब सभी घरों को एक organized way मे बनाया जाने लगा था। मिट्टी से बने रास्ते इन घरों को आपस मे जोड़ते थे।
  • Fortification: इसी युग मे सबसे पहली बार किला बनाने की शुरुवात हुई।
  • अब घर एक कमरे के बजाए काफी सारे कमरों के होने लगे थे।
Megaliths क्या है?

Megaliths बड़े बड़े पत्थरों को कहा जाता है। United Kingdom का Stonhenge दुनिया का सबसे जादा popular megalith है और भारत मे Tamilnadu मे स्तिथ Mallachandram सभी Popular Megalith मे से एक है। इन Megaliths

की मदद से Burials यानि की समाधि भी बनाई जाती थीं। उन समाधियों के कुछ प्रकार नीचे बताए गए हैं:

  1. Barrow: इस प्रकार की समाधि मे शरीर को मिट्टी मे दाल दिया जाता था यानि की ज़मीन के अंदर गाड़ दिया जाता था। उसके बाद मिट्टी के ऊओर पत्थर बिछा दिये जाते थे।
  2. Cairn Circles: इसमे भी शरीर को ज़मीन मे गाड़ा जाता था और ऊपर से पत्थर रख दिये जाते थे। साथ ही मे इसके चारों ओर बड़े बड़े पत्थर भी लगाए जाते थे जिससे पता लग जाता था की यहाँ किसी की समाधि है।

Conclusion

उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह Post पसंद आया होगा। इस पोस्ट मे {Pura Pashan Kal, Madhya Pashan Aur Nav Pashan Yug} पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण युग के बारे मे ये  जानकारी दी। अगर आप किसी भी तरह की Govt परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसमे History यानि की इतिहास आपका Syllabus है तो यह Topic आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसीलिए इस Post को इस प्रकार से लिखा गया है की आपको इसके बाद बाकी जगहों से इसके बारे मे और जानकारी न लेनी पड़े और यहाँ वहाँ दूसरी Websites पर घूम कर आपका समय न बर्बाद हुआ हो।

इस आर्टिकल में आपने क्या-क्या जाना-

  • Pashan Kal के प्रश्न के सभी उत्तर यहाँ दी गयी है
  • पाषाण शब्द का अर्थ क्या है
  • पुरापाषाणकाल की प्रमुख विशेषताएं
  • पाषाण काल की संस्कृति
  • पाषाण काल स्थल
  • सभी पाषाण काल का इतिहास

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