Rajasthan History in hindi : राजस्थान का इतिहास हिंदी में History of Rajasthan राजस्थान का शाब्दिक अर्थ है राज्य+स्थान जिसका मतलब है राजाओ का स्थान। राजस्थान का इतिहास आदि काल से ही चला रहा है इसका पता भानगढ़,बैराठ और रैध  के पास मिले कुछ आदि कल के अवशेषों से चलता है।

यही नहीं कुछ समय पहले यहाँ किसी प्राचीन सभ्यता होने के प्रमाण भी मिले जो ये दर्शाते है की राजस्थान शुरू से ही बीहड़ नहीं था यहाँ कुछ विशाल नदियाँ भी थी। राजस्थान का इतिहास इतना प्राचीन और समृध्द था की ये कई शक्तिशाली  प्रांतो में बटा हुआ था जिसमे से मालवा और सीवी इतने शक्तिशाली थे की सिंकदर महान को भी यहाँ से लौट कर जाना पड़ा था।राजस्थान की जानकारी, तथ्य, इतिहास हिंदी में Rajasthan History in hindi

राजस्थान का इतिहास हिंदी में| Rajasthan History in hindi

सम्राट अशोक के भी दो शिलालेख यहाँ पर है जिस से मौर्या काल के साथ यहाँ के Rajasthan History का सम्बन्ध पता चलता है। कुछ शिलालेख यहाँ के उत्तरी और मध्य भाग की समृद्धता का प्रमाण है। यहाँ पर कई विदेशी आक्रमण होते रहे हुए कई साम्राज्यों का उत्थान और पतन भी हुआ। जिसमे मौर्या वंशगुप्त वंश ,गुर्जर,हूण आदि साम्राज्य शामिल थे। 

यहाँ की राजधानी जयपुर है जो एक बहुत सुन्दर शहर होने के साथ साथ यहाँ का सब से बड़ा शहर भी है इसकी सुंदरता की वजह से इसे पिंक सिटी के मान से भी जाना जाता है। यहाँ पर उदयपुर भी अपनी सुंदरता के लिए विख्यात है जिसे सिटी ऑफ़ लेक कहा जाता है। भारत का यही एक ऐसा राज्य है जहाँ रेगिस्तान पाए जाते है,यहाँ के किले,यहाँ की कला संस्कृति यहाँ की समृध्दता का परिचय देती है।  

छोटा सा परिचय राजस्थान  का A Quick  View Of  Rajasthan History

प्रथम मुख्यमंत्री- हीरा लाल शात्रीवर्तमान मुख्यमंत्री – वसुंधरा राजे सिंधिया
राजधानी  –जयपुरभाषा- हिंदी
सब से बड़ा शहर– अजमेर, अलवर, भरतपुर, जयपुर हैं।जनसँख्या- यहाँ की population लगभग 68.89 मिलियन  है।
राज्यपशु-  चिंकारा,ऊंटराज्यवृक्ष- खेजड़ी
स्थापना दिवस –1 नवम्बर 1956राज्यादिवस – 1 मई,1960
प्रथम राज्यपाल– मेहँदी नवाज़ जंग मेहँदी नवाज़ जंगक्षेत्रफल – 3,42,239  वर्ग किलो मीटर
राज्यपक्षी- गोडावणकुल जिले- 33
राज्यफूल- रोजाराज्य खेल – बास्केट बॉल

 

प्राचीन काल :प्राचीन कल के प्रारम्भ में राजस्थान पर राजा मीणा का राज्य था  बाद में 12वी सदी तक गुजरो के हाथ में चला गया। यहाँ और गुजरात में गुर्जरों का साम्राज्य था। यहाँ के शासको ने 300 साल तक अपने प्रदेश की रक्षा की इसलिए इन्हे वीर गुर्जर भी कहा जाता है ” Rajasthan History “। 

इसके बाद यहाँ पर राजपूतो ने राज्य स्थापित कर लिया। मध्य काल: इस काल का इतिहास सब से प्रसिद्द भारतीय इतिहास से जुड़ा हुआ है,महाराजा पृथ्वी राज चौहान को हरा कर मुम्मद गौरी ने यहाँ पर मुग़ल साम्राज्य की नीव रक्खी पर यहाँ के राजपूत इतने जल्दी मुगलो के सामने घुटने टेकने वालो में से नहीं थे।

राजस्थान की जानकारी, तथ्य, इतिहास

यहाँ के राणा सांगा जी ने बहुत से मुग़ल शासको को हराया और राजपूतो को एक करने के प्रयास भी किये। पर सिलहादी के विश्वासघात के कारण राणा सांगा मुग़ल शासक से पराजित हो गए। उस समय कई राजपूतो ने मुगलो के साथ हाथ मिलाने में समझदारी समझी। 

जब अकबर महँ का राज्य यहाँ स्थापित हुआ तो उन्होंने यहाँ के राजपूतो के साथ दोस्ती बढ़ाने के लिए आमेर की राजकुमारी जोधा बाई से शादी कर ली और यहाँ के राजाओ के साथ मित्रता का व्यवहार रखा पर कुछ राजा ऐसे थे जिन्होंने इनका गुलाम बन कर राज्य करने से बेहतर अपनी जान  ठीक समझा जिस में से एक उदयपुर के राजा उदयसिंघ थे जिनके नाम पर उदयपुर का नाम रखा गया है। इनकी के पुत्र महाराणा प्रताप ने भी सम्राट अकबर से हार नहीं मानी।इनकी वीरता की गाथाये आज भी राजस्थान का कणकण गाता है। 

Rajasthan History information in hindi

मराठा साम्राज्य :1700 में मराठो का उदय हुआ उन्होंने अपना राज्य राजस्थान तक भी फैलाया पर कुछ समय बाद अंग्रेजो ने इनपर अधिकार कर लिया। 

ब्रिटिश साम्राज्य :ईस्ट इंडिया कंपनी ने ब्रिटिश साम्राज्य की शुरुवात की। अजमेर और मेवाड़ इस समय एक एहम क्षेत्र हुआ करते थे जब की 19 शताब्दी में मारवाड़ और जयपुर ने ये स्थान ले लिया पर तब भी जेम्स टॉड ने मेवाड़ को ही अधिक महत्व दिया।1817-18, ब्रिटिश सरकार ने राजपूताना के लगभग सभी राज्यों के साथ गठबंधन करना ही निष्कर्ष निकाला। 

स्वतंत्रता के बाद का राजस्थान :स्वतंत्रता के बाद भी यहाँ के राजा भारतीय सरकार से विलय नहीं करना चाहते थे उनके अनुसार वो यहाँ का शासन चलने में परिपक्त थे। पर अंत में उनको सर्कार की बात ,माननी पड़ी और राजस्थान का एकीकरण शुरू हो गया जो की 1 नवंबर 1956 को जा कर पूरा हुआ। 

राजस्थान  से जुड़े कुछ तथ्य Rajasthan History Hindi me

शिक्षा :यहाँ पर शिक्षा के लिए सरकार द्वारा कई सुविधाएं है जिसमे प्राथमिक विद्यालय से ले कर महाविद्यालय तक शामिल है। कुछ निजी विद्यालय भी है जो यहाँ पर शिक्षण के कार्य को प्रगति दे रहे है। 

संस्कृति :राजस्थान संस्कृति से बहुत धनि है यहाँ पर आप को कई तरह की कलाएं देखने को मिलेंगी जैसे नृत्य कला में यहाँ पर घूमर नृत्य विश्व प्रसिद्द है यहाँ पर अनेक हस्त शिल्प कला भी देखने को मिलती है। गायन,वादन सब आज भी पारम्परिक तरह से होता है। यहाँ की संस्कृति में लोगो का सम्मान करना भी शामिल है। यहाँ का  शाही खाना खाने लोग दूरदूर से आते है।

यहाँ की संस्कृति की गाथा आज भी यहाँ के सुन्दर महलो पर बनी कलाकृतियां सुनाती है। यहाँ कुछ राजा आज भी अपने महल में रहते है और अपनी शानोशोहकत बरकार किये हुए है। भले ही अब उनके राज्य पर उनका अधिकार हो पर लोग अब भी उनकी उतनी ही इज़्ज़त करते है। जोधपुर का किला,अमेर का किला,उदयपुर का सिटी पैलेस,जल महल,जयपुर का किले तथा जैसलमेर का रेगिस्तान और ऊँट की सवारी ये सब राजस्थान की शान है। 

अर्थववस्था :यहाँ की अर्थव्वस्था में ज्यादातर भाग सूती वस्त्र उद्योग,कांच उद्योग,ऊन उद्योग,सीमेंट उद्योग,चीनी उद्योग आदि से आता है। 

राजस्थान के कुछ प्रसिद्द स्थान Rajasthan History ki puri jankari hindi me

There are many famous places in Rajasthan, let’s look at some of them.

जोधपुर

यहाँ पर स्थित दुर्गा मंदिर और महलो के कारण ये एक दर्शनीय स्थान है। जोधपुर राजस्थान का दूसरा सब से बड़ा शहर भी है जिसकी अर्थववस्था धातु और वस्त्र उद्योग पर आधारित है। 

जयपुर 

यह शहर राजस्थान का सब से बड़ा शहर है जो की अपनी खूबसूरत इमारतों के लिए प्रसिद्द है यहाँ पर आमेर का किला,हवा महल,सिटी पैलेस,सिसौदिया रानी का बाग़,अलबर्ट हाल म्युसियम,कनक वृंदावन,संगमरमर की मूर्तियाँ आदि कई ऐसी चीज़े है। 

भरतपुर

भरतपुर राजस्थान का पूर्वी द्वार है। यहाँ अनेक ऐसे ऐतिहासिक इमारते है जो लोगो को अपनी तरफ आकर्षित करती  है। जिनमे नेहरू पार्क,म्युसियम,लोहागढ़ फोर्ट आदि शामिल है। 

उदयपुर

उदयपुर राजा उदयसिंघ और उनके पुत्र महाराणा प्रताप की वीरता की गाथा समेटे हुए अनेक दार्शनिक स्थलों का भी धनि है जिसमे जग मंदिर,सिटी पैलेस,बागोर की हवेली,बायोलॉजिकल पार्क,मानसून फोर्ट,वैक्स म्युसियम,कर्णि  देवी का मंदिर,फतेह सागर आदि शामिल है। 

Rajasthan History Question,


1. हल्दीघाटी युद्ध के शुरू होने से पूर्व अकबर की शाही सेना ने जिस स्थान पर डेरा डाला था, उसे क्या कहा जाता है?
Ans. शाही बाग


२. राणा प्रताप के घोड़े कीसमाधि कहाँ स्थित है?
Ans. हल्दीघाटी में


3. अकबर ने चित्तौड़ पर कब आक्रमण कर कब्जा किया?
Ans. 1567 ई. में


4. अकबर के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय किसके नेतृत्व में हजारों राजपूतों ने मुगल सेना का मुकाबला किया?
Ans. वीर जयमल और पत्ता ने


5. हल्दीघाटी युद्ध में शहीद हुए राणा प्रताप के सेनापति पठान हकीम खाँ सूरी की समाधि (मजार) कहाँ स्थित है?
Ans. खमनोर गाँव के रक्त तलाई के मैदान में


6. हल्दीघाटी के पास स्थित खमनोर गाँव के रक्त तलाई के मैदान में ग्वालियर के किस राजकुमार ने अपने प्राण उत्सर्ग किए जिसकी समाधि (छतरी) भी वहाँ स्थित है?
Ans. राम सिंह तंवर


7. हल्दीघाटी युद्ध में प्रताप के घोड़े चेतक घायल हो जाने पर परिस्थिति को समझते हुए किस वीर राजपूत ने राजचिन्ह और ध्वज अपने हाथ में ले लिया और प्रताप के स्थान पर स्वयं लड़ कर प्रताप को युद्ध मैदान से बाहर निकाला था?
Ans. राजराणा वीदा (झाला मान)


8. महाराणा प्रताप का राजतिलक कब व कहाँ हुआ?
Ans. 1572 ई. में गोगुंदा में


10. राणा प्रताप और अकबर की सेना के मध्य हल्दीघाटी का प्रसिद्ध युद्ध किस दिन प्रारंभ हुआ?
Ans. 18 जून 1576 को


11. हल्दीघाटी के युद्ध में किस मैदान में राणा प्रताप मुगल सेना से घिर गए थे?
Ans. खमनोर गाँव के रक्त तलाई के मैदान में

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