Saina Nehwal Biography In Hindi: आज के इस आर्टिकल में हम आपको साइना नेहवाल के बारे में सब कुछ बताएँगे की kaise इन्होने अपना कदम आगे बदाय और कामयाबी पायी, साइना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं वर्तमान में वह दुनिया कि शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाडी है तथा इस मुकाम तक पहुँचने वाली वो प्रथम भारतीय महिला हैं, लंदन ओलंपिक 2012 में साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन कि महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया, बैडमिंटन में ऐसा करने वाली वे भारत की प्रथम खिलाड़ी हैं.

2007 में बीजिंग में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों में भी वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी, वह बीडब्लूएफ विश्व कनिष्ठ प्रतियोगिता जितने वाली पहली भारतीय हैं, वर्तमान में वः शीर्ष महिला भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं उर भारतीय बैडमिंटन लीग में अवध वैरियर्स कि तरफ से खेलती हैं, साइना भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से  सम्मानित  भी हो चुकीं हैं.सायना नेहवाल की जीवनी | Saina Nehwal Biography In Hindi

साइना नेहवाल की जीवनी- जीवन परिचय – Saina Nehwal Biography

Full NameSaina Nehwal
NicknameDarling Daughter of India (by Narendra Modi)
HandednessRight Handed
HometownHyderabad, Telangana
Height6ft 1 in (1.86m)
Age29 years (17 March 1990)
Career Record419 wins | 177 defeats
Major Teams Played ForIndia, North East Warriors, Awadhe Warriors

साइना का जन्म 17 March 1990 को हिसार, हरियाणा के एक जाट परिवार में हुआ था. इनके पिता का नाम डॉ. हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है. साईना ने शुरुआती प्रशिक्षण हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में कोच नानी प्रसाद से प्राप्त किया. माता और पिता दोनों के बैडमिंटन खिलाड़ी होने के कारण साइना का बैडमिंटन की ओर रुझान शुरू से ही था. पिता हरवीर सिंह ने बेटी की रूचि को देखते हुए use पूरा सहयोग और प्रोत्साहन दिया.

साइना अब कई बड़ी उपलब्धीयां अपने नाम कर चुकीं हैं. वे विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन विजेता रह चुकी हैं. ओलंपिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का कांस्य पदक जितने वाली वे देश कि पहली महिला खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2006 में एशियाई सैटलाइट प्रतियोगिता भी जीती है.

उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सिरीज़ बैडमिंटन प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, यह उपलब्धि उनसे पहले किसी एनी भारती महिला को हासिल नहीं हुई थी. दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीयमंडल खेल में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया.

वर्ष 2015 में आधिकारिक रूप से उनकी विश्व रैंकिंग 1 घोषित कि गई. इस मिकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं.

पेशेवर जीवनी – Saina Nehwal की Biography

2006 में, साइना अंडर 19 राष्ट्रीय चैम्पियन बनी और दो बार प्रतिष्ठित एशियन सेटेलाइट बैडमिंटन टूर्नामेंट (Indian Chapter) जीतकर इतिहास बनाया. 2006 में वह एक 4 Star tournament, Philipins open जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं और तभी से वह वैश्विक परिदृश्य पर च गई. 86वें वरीयता वाली साइना ने tournament में प्रवेश कर, खिताब के लिए मलेशिया कि जूलियन वोंग पेई जियान को हारने से पहले दुनिया कि नंबर चार जू हुआवे और कई शीर्ष वरीय चीनी खिलाड़ीयों को अचेत करती चली गईं.

साइना नौवीं वरीयता प्राप्त जापानी सायाका सातो को 21-9 21-18 हरा कर 2008 विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिता जितने वाली पहली भारतीय बनीं. 21 जून 2001 को इण्डोनेशियाई ओपन जीतकर वह विश्व कि सबसे प्रतिष्ठ B.W.F. सुपर सिरीज़ जीतने वाली पहली महिला  भारतीय खिलाड़ी बन गयीं.

2010 – Saina Nehwal के बारे में जानकारी

साइना ने सफलतापूर्वक 2010 uber Cup Final के Quarter Final के लिए भारतीय महिला टीम का नेत्रित्व किया. साइना विजेता टीने रासमुसेन से हारने से पहले 2010 All england super सिरीज़ के सेमी फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनी. शीर्ष  वरीयता प्राप्त साइना Yonex sunrise Baidminton asia championship 2010 में चीन कि गैरवरीय कि खेलाड़ी ली झुइरुई  से हारने से पहले सेमिफिनल तक पहुँच गईं.

साइना के कोच गोपीचंद ने उन्हें घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन का खुद पर बहूत अधिक दबाव ना लेने कि सलाह दी. साइना ने मलेशिया की वोंग मीऊ चू को 2010 India Open G. P. Gold में हराकर टूर्नामेंट में अपनी शीर्ष वरीयता को न्यायोचित ठहरा दिया. इस B.W.F. Tournament को जीतकर उन्होंने $8280 के पुरस्कार राशि जीत ली.

साइना नेहवाल की जीवनी

Nehwal Singapore Open Super Seriz 2010 में फिर से नुम्बेर वरीयता प्राप्त कर चीन कि विश्व चैम्पियन लू लान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया. साइना ने  Singapore Open के चीनी ताइपे कि क्वालीफायार ‘ताई जू यिंग’ को 21-18 21-15 से हराकर अपने कैरियर का दूसरा सुपर सिरीज़ जीता.

साइना ने इस B.W.F. tournament को जीतकर 15,000 Dollar की पुरस्कार राशि जीत ली और अपने कैरियर की शीर्ष वरीयता 3 पर पहुँच गयी.  साइना ने जापान कीं सयाका सातो को एक कठिन खेल में 21-19 / 13-21 / 21-11 से हराकर अपने इंडोनेशिया ओपन सुपर सिरीज़ के खिताब का बचाव किया. यह उनका तीसरा सुपर सिरीज़ खिताब और इंडिया ओपन, सिंगापुर सुपर सिरीज़ के बाद लगातार तीसरा खिताब था.  

2011-2013 – साइना नेहवाल का जीवन परिचय

22 वर्ष कि उम्र में अपने Swis Open ख़िताब कि सफलतापूर्वक रक्षा करते हुए साइना ने फाइनल में चीन कि विश्व में दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ‘वांग शिझियान’ को 21-19, 21-16 से हराया. 10 jun 2012 को उन्होंने Thailand कि ‘रत्चानोक ईंथेनॉन’ को 19-21, 21-15, 21-10 से हराकर Thailand Open G. P. Gold खिताब अपने नाम किया.

इसी वर्ष वह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल और कोरिया ओपन के क्वार्टरफाइनल में पहुंची थी. इस वर्ष कि उनकी सबसे बड़ी सफलता 4 अगस्त 2012 को 2012 लंदन ओलंपिक के महिला एकल के कांस्य पदक के रूप में सामने आई जब चीन कि उनकी  प्रतिद्वंद्वी ‘वांग झीन’ ने चोट लगने कि वजह से बीच मच में अपना बमे वापस ले लिया. इसके बाद अक्टूबर में जर्मनी की जूलियन को फाइनल में हराकर उन्होंने डेनमार्क ओपन खिताब भी जीता.

2014-2015 साइना नेहवाल जीवनी

26 जनवरी 2014 को विश्व प्रतियोगिता कि कांस्य पदक विजेता प.व. सिन्धु को हराकर साइना India open grand P.G. की विजेता बनी. मार्च २०१४ में विश्व कि चौथी वरीयता प्राप्त ‘वांग शिझियान’ से क्वार्टर फाइनल में हारकर 2010 की आल England सुपर सिरीज़ से बहार हो गई. इस तरह से चाइना ओपन सुपर सिरीज़ प्रिमियम में जापान कि अकाने यामागुची को 21-12, 22-20 से हराकर यह ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी.

Spain की कैरोलिना मरीन को फाइनल में 19-21, 25-23, 21-16 से हराकर पिछली विजेता साइना ने 2015 का इंडिया ओपन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड ख़िताब जीत लिया. इसके ठीक पहले आल इंडिया बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल में पहुँचने वाली भारतीय महिला बनते हुए साइना कैरोलिना से ही हार गई थीं. 21 March 2015 को Thailend कि रत्चानोक को इन्डियन ओपन सुपर सिरीज़ के फाइनल में हराकर वह विश्व कि शीर्ष वरीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई.

पुरस्कार – साइना नेहवाल ko

अर्जुन पुरस्कार (2009)

राजीव गांधी खेल पुरस्कार (2009-2010)

पद्म श्री(2010)

2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक के लिए-

1 करोड़ रूपये हरियाणा सरकार की तरफ से.

50 लाख रूपये राजस्थान सरकार की  तरफ से.

50 लाख रूपये आंध्रप्रदेश सरकार की तरफ से.

10 लाख रूपये भारतीय बैडमिंटन संघ की तरफ से.

मंगलायतन विश्वविद्यालय की तरफ से डॉक्टरेट की मानक उपाधी.

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