नमस्कार दोस्तों “History Hindi” में आपका स्वागत है आज हम बात करेंगे उस World war 2 की जिसकी घटनाओं ने दुनिया के हर पहलू को बदल कर रख दिया। जो “history” इतिहास का एक कलंक है और खुद अपने आपne में एक इतिहास है जिसके बारे में जानने के लिए दुनिया का हर इंसान उत्सुक रहता है। जी हां आज हम बात करेंगे दूसरे विश्वयुद्ध की।  Second world war को Global war के नाम से भी जाना जाता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि इस world War में सिर्फ सैनिक ही नहीं बल्कि देश के आम आदमी भी शामिल थे। जब पहले की बात करें, तो केवल सेनाय आपस मे लड़ती थी  लेकिन इस विश्वयुद्ध में सामान्य जनता को भी टारगेट किया गया था। हर देश ने अपने दुश्मन देशों में घुसकर आम जनता पर गोले बरसाए थे, उन पर बम फेंके थे और उन पर मिसाइलें दागी थी।Second World War द्वितीय विश्वयुद्ध की पूरी जानकारी Hindi Me

Second World War द्वितीय विश्वयुद्ध की पूरी जानकारी Hindi Me

इसलिए इस विषय में कोई भी इंसान ऐसा नहीं था जिस पर जान का खतरा ना हो। इसी कारण इसे Portal war या ग्लोबल वार भी कहा जाता है। यह War 1939 से लेकर 1945 तक चला था और इसमें दो मेन पावर थे। एक पावर जर्मनी, इटली, जापान और बचे हुए देश शामिल थे जबकि दूसरी तरफ पावर के समय Britain, France जैसे देश शामिल थे।

यहां पर याद रहे कि इटली पहले world War में Alliance पावर में था जबकि वह दूसरे विश्वयुद्ध में एग्जिट पावर में शामिल हो गया था। Second world war में उस वक्त की पृथ्वी की जनसंख्या के 3% लोग मारे गए थे, करोड़ों लोग घायल हुए थे और अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ था। जैसे कि हमने हमारी पिछली डॉक्यूमेंट्री में जाना कि हर एक घटना दूसरी एक घटना को अंजाम देती है।

पहले की डॉक्युमेंट्री यहा पढ़ें: पहला विश्व युद्ध क्यों और कैसे कब हुआ था? World War One Reasons 

Second World War Complete information of World War II Hindi Me

Second world war होने के पीछे भी कई घटनाएं कारण थी। उनमें से एक सबसे बड़ा कारण था खुद पहला विश्वयुद्ध। अगर आपने हमारी पिछली Documentary World World War 1  नहीं पढ़ी तो आप ऊपर दी गयी लिंक का इस्तेमाल करके उसे पढ़ सकते हैं।

जैसे के पीछे हमने जाना पहले भी जर्मनी पूरी तरह से घुटनों पर आ गया था और फ्रांस तथा ब्रिटेन ने विवादित वर्सेल्स करार के जरिए जर्मन देश की स्थिति बद से बदतर कर दी थी और जर्मन में रोष और आक्रोश पनपने लगा था। उन पुरुषो में से एक था Adolf Hitler जिसने जर्मनी की सत्ता हासिल की और दुश्मन देशों से बदला लेने का प्लान बनाया।

दुश्मन देशों के द्वारा किए हुए जर्मन प्रदेशों को एक-एक कर वापस ले लिया और आखिरकार जर्मनी का सबसे बड़ा भू भाग जो पोलैंड में था उस पर आक्रमण कर उसे ले लिया गया। मगर हिटलर इतने से संतोष मानने वाला नहीं था और वो दुश्मन देशों को अपने दबाव में करना चाहता था जिसके लिए उसने पोलैंड देश पर हमला कर दिया। दिन था 1 सितंबर 1939, समय सुबह के 4:45 और यह था Second world war का आरंभ:.

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सितंबर की सुबह 4:45 पर जर्मनी ने जिस महा युद्ध का आरंभ किया उसके कुछ ही घंटों में लगभग 1500000 जर्मन नाजी सैनिक कॉलोनी के अंदर घुस गए और महज़ एक महीना होते होते तो पूरे पोलैंड देश को जीत लिया। पोलैंड पर हमला होने के हालात में मदद का वायदा देने वाले फ्रांस और ब्रिटेन भी इन हालात पर कुछ ना कर सके।

पोलैंड को जीतने के बाद लगभग 6 महीने तक हिटलर शांत रहा उसने कोई भी प्रतिक्रिया कि नहीं लेकिन उसका अगला टारगेट फ्रांस और ब्रिटेन थे क्योंकि यही वह देश है जो जर्मनी की दयनीय स्थिति के लिए जवाबदार थे और वार्सल्स क़रार के नायक।

Second world war युद्ध में हिटलर जर्मन सत्ता को पूरे यूरोप में फैलाना चाहता था और वैसे ही दूसरा तनाशाह था मुसोलिनी, मुसोलिनी इटालियन सत्ता फिर से यूरोप में खड़ी करना चाहता था और रोमन राज्य से हुकुमत, वो वापस लाना चाहता था ।वहा तीसरी ओर पूर्व में जापान लड़ रहा था ।

द्वितीय विश्वयुद्ध, SECOND WORLD WAR in hindi

जापान एशिया में अपनी हुकूमत बनाना चाहता था और पूर्व तथा दक्षिण एशिया के देशों को जीतकर उन पर अपने हुकुमत कायम करना चाहता था कि इस तरह साम्राज्यवादी नीतियों को ध्यान में रख यह तीन देश विश्व युद्ध लड़ रहे थे ।हिटलर बहुत ज्यादा ही महत्वकांक्षी बन चुका था।

वह सभी देशों पर जर्मन राज लाना चाहता था। फ्रांस और ब्रिटेन पर हमला करने के लिए उसे और ज्यादा शस्त्रों की और डिफेंस पावर की जरुरत थी इसलिए उसने फिलहाल वह हमला स्थगित रखा और उत्तरी यूरोप के एक स्कैंडिनेवियाई देश नॉर्वे में पर हमला कर दिया।

9 अप्रैल 1940 के दिन लगभग 15000 सैनिको 1000 fighter plane और 28 submarines को भेज कर नॉर्वे को जीत लिया और जर्मनी के बीच पड़ने वाले देश को भी अपने दावे में कर लिया। इतना ही नहीं कुछ ही महीनों में तो Neitherland पर भी हमला कर दिया।

World War 2 Full History in Hindi (द्वितीय विश्व युद्ध का इतिहास)

June to 1940 आते आते हिटलर को लगा के उसके पास डिफेंस पावर के लिए पर्याप्त मात्रा में हथियार जमा हो गए हैं इसलिए 5 जून 1940 को हिटलर ने लगभग 1500000 नाजी सैनिकों को भेजकर फ़्रांस पर आक्रमण कर दिया। उस समय फ़्रांस के पास 800000 सैनिक थे लेकिन उसके सामने 1500000 नाजी सैनिको और 2000 tanks थे जिनहे हराना बहोत मुश्किल था।

महज़ 15 दिन होते होते तो फ्रांस का काम तमाम कर दिया। फ़्रांस ओर ब्रिताइन ने  मिलकर जर्मनी को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। वह दिन आज भी हिटलर भुला नहीं था। यहां पर इतिहास अपने आप को फिर दोहराया। हिटलर ने फ्रांस के वही कैंपिंग के जंगल में वही ट्रेन बुलवाई जिसमें लगभग 21 साल पहले फ़्रांस ओर ब्रिटन  सरकार से शरणागति पत्र पर दस्तखत करवाए थे।

अब स्थिति यह थी की  जर्मन सेना लगभग पूरे यूरोप को अपने दावे में ले चुकी थी। बस अब सिर्फ एक ही देश बाकी था जो उनके सामने झुका नहीं था, वह था द ग्रेट ब्रिटन। हालकी ब्रिटन चारों ओर समुद्र से घिरा देश था इसलिए अब तक वह अबेध रह गया। लेकिन 1940 में हिटलर ने समुद्री मार्ग से ब्रिटन पर हमला करने की ठान ली लेकिन उसके इस विचार में बाध बना उसका सेना अध्यक्ष।

वर्ल्ड वॉर २ के बारे रोचक तथ्य | Interesting Facts about World

हिटलर की सेना अध्यक्ष ने उस वक्त यह कहकर युद्ध को टाल दिया के ब्रिटन की वायुसेना बहुत मजबूत है और वह लोग हम पर समुद्र में हवाई हमला कर सकते हैं। इसलिए हिटलर ने कुछ समय प्रतिक्षा की और अपनी वायु सेना को और मजबूत बना लिया ताकि जब वो ब्रिटन पर हमला करे तो जर्मन वायु सेना उस पर काउंटर अटैक कर सके और कुछ ही महीनों बाद जर्मनी और ब्रिटेन के बीच घमासान युद्ध हुआ जिसे बैटल ऑफ़ ब्रिटन भी कहा जाता है। इस युद्ध में ब्रिटेन के 1000  और जर्मनी के लगभग 1800 Fighter plane नष्ट हो गए।

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