नमस्कार दोस्तों, आज हम लोग History Hindi  मे Sikander Porus War History के पर्दे खोलेंगे। हम लोग आज इस युद्ध से जुड़े कुछ तथ्य आपलोगो तक रखेंगे ताकि आप भी समझ सके की क्या आपको जो History पता है वह कितनी सच है ओर कितनी झूठ:

सिकंदर पोरस युद्ध का इतिहास । Sikander Porus War History 

Sikander और Poras के बीच हुए युद्ध की हकीकत। Sikander को दुनिया जितना महान मानती है, उतना ही सम्मान भारत में Raja Poras का भी हैं। पुरू का नाम यूनानी इतिहासकारों ने ‘Poras’ लिखा है। History को निष्पशक्ष और सही तरिके से लिखने वाले Plutark ने लिखा है, “Sikander Samrat Poras की 20,000 सेना के सामने तो ठहर नहीं पाया।

आगे विश्व की महानतम राजधानी Magadh के सम्राट Dhananand की 3,50,000 की सेना उसका स्वागत करने के लिए तैयार थी जिसमें 80,000 घुड़सवार, 80,000 युद्धक रथ एवं 70,000 विध्वंसक हाथी सेना थी।” लेकिन Sikander को तो Raja Poras ने ही रोक लिया था। आइए जानते हैं इस Historical Fight से जुड़ी कुछ खास बातें:सिकंदर ओर राजा पोरस के युद्ध का इतिहास । Sikander Porus War History

Alexander the Great(356-23_BC) और porus, Sikander यूनान के उत्तर में स्थित मकदूनिया(mecedoniya) के बादशाह फिलिप (philip) के बेटे थे। केवल बीस वर्ष की आयु में Sikander Badshah बन गए। प्राचीन काल से Iran और Yuyan के बीच शत्रुता चली आ रही थी।

सिकन्दर ने विश्वविजेता बनने का प्रण लिया और बड़ी सेना के साथ अपनी विजय यात्रा प्रारम्भ कर दी। उस समय Europe में Yuyan, Rome को छोडकर शेष जगह सभ्यता न के बराबर थी और प्राचीन सभ्यताएं एशिया महाद्वीप, मिस्र, में ही स्थित थी। इसलिए सिकन्दर ने सेना लेकर पूर्व का रूख किया।

सिकंदर पोरस युद्ध से जुड़े सच्चे तथ्य । Hidden Truth Behind Sikander Porus War History 

वह Thwees, Misshra, Iraq, Madhya Asia को जीतता हुआ Iran पहुंचा जहां क्षर्याश का उतराधिकारी Dara शासन कर रहा था। Sikander ने दारा को हराकर उसके महल को आग लगा दी और इस प्रकार क्षर्याश द्वारा Athens को जलाए जाने का बदला लिया। इसके बाद वो आगे बढकर Hirat, Kabul, Samparkand को जीतता हुआ Sindh नदी की उत्तरी घाटी तक पहुंच गया। जब Sikander ने Sindh नदी को पार किया तो भारत में उत्तरी क्षेत्र में तीन राज्य थे-झेलम नदी के चारों ओर Raja Abbhi का शासन था जिसकी Rajdhani Takshila थी।

सिकंदर पोरुस युद्ध इतिहास क्या है । What is Sikander Porus War History

Poras का राज्य चेनाब नदी से लगे हुए क्षेत्रों पर था। तीसरा राज्य Abhisar था जो कश्मीर क्षेत्र में था। Puru अथवा Poras का परिचय Yuyan के इतिहास लेखक Sikander से युद्ध करने वाले भारतीय राजा का नाम अपनी भाषा पोरस अथवा पुरु बताते हैं। Katoch History में इस वीर राजा का नाम Parmanad Katoch बताया जाता है। Puruvanshi Raja Poras का राज्य Chenab नदी से लगे हुए क्षेत्रों पर था। Porus राजा Abbhi का पोरस से पुराना बैर था इसलिए Sikander के आगमन से Abbhi खुश हो गया और अपनी शत्रुता निकालने का उपयुक्त अवसर समझा।

Abhisar के लोगों ने कुछ नहीं किया। इस तरह पोरुस ने अकेले ही Sikandar की सेना का सामना किया। “प्लूटार्च” (Plutarch) के अनुसार सिकन्दर की 20,000 पैदल सैनिक तथा  सै000 सैनिक पोरस की युद्ध क्षेत्र में एकत्र की गई सेना से बहुत ही अधिक थी। सिकन्दर की सहायता फारसी सैनिकों ने भी की थी।

कहा जाता है कि इस युद्ध के शुरु होते ही पोरस ने महाविनाश का आदेश दे दिया उसके बाद पोरस के सैनिकों ने तथा हाथियों ने जो विनाश मचाना शुरु किया कि Sikandar तथा उसके सैनिक तो बस देखते ही रह गए। इसी तरह का वर्णन “डियोडरस” ने भी किया है..विशाल हाथियों में अपार बल था और वे अत्यन्त सहायक सिद्ध हुए..उन्होंने अपने पैरों तले बहुत सारे सैनिकों को चूर-चूर कर दीया।

Hidden Truth Behind Sikander Porus War History

इसके बाद Sikander को Poras ने उत्तर मार्ग से जाने की अनुमति नहीं दी। विवश होकर सिकन्दर को खूंखार जन-जाति के कबीले वाले रास्ते से जाना पड़ा। इस क्षेत्र में कठ क्षत्रिय जनजाति(संभवत आज के काठी क्षत्रिय), मालव, राष्ट्रिक(राठौड़), कम्बोज, दहियक(दहिया क्षत्रिय राजपूत), आदि ने भी Sikandar का डटकर सामना किया। स्पष्ट है कि पोरस के साथ युद्ध में तो उसके सैनिकों का मनोबल टूट ही चुका था रही सही कसर इन कठ, मालव जैसी क्षत्रिय जातियों ने पूरी कर दी थी। (Sikander Porus War History)

अब इनलोगों के अंदर ये तो मनोबल नहीं ही बचा था कि किसी से युद्ध करे। Sikander ने लौटने का फैसला लिया। सिकन्दर जाते हुए Salyuks सहित कुछ Yuyani गवर्नर यहां नियुक्त कर गया, किन्तु जल्दी ही Chanakya के मार्गदर्शन में भारतवर्ष में एक महान क्षत्रिय Rajput Samrat का उदय हुआ वो थे “चन्द्रगुप्त मौर्य” (ChandraGupt Morya) जिन्होंने इन युयानियों को जल्द ही परास्त कर भगा दिया।

Yuyani History की कहानी कुछ और ही है उनके अनुसार सिकन्दर ने पोरस को बंदी बना लिया था..उसके बाद जब Sikandar  ने उससे पूछा कि उसके साथ कैसा व्यवहार किया जाय तो पोरस ने कहा कि उसके साथ वही किया जाय जो एक राजा के साथ किया जाता है अर्थात मृत्यु-दण्ड..सिकन्दर इस बात से इतना अधिक प्रभावित हो गया कि उसने वो कार्य कर दिया जो अपने जीवन भर में उसने कभी नहीं किए थे..उसने अपने जीवन के एक मात्र ध्येय,

अपना सबसे बड़ा सपना विश्व-विजेता बनने का सपना तोड़ दिया और पोरस को पुरस्कार-स्वरुप अपने जीते हुए कुछ राज्य तथा धन-सम्पत्ति प्रदान किए..तथा वापस लौटने का निश्चय किया और लौटने के क्रम में ही उसकी मृत्यु हो गई..!

Umeed करते हैं History Hindi का ये लेख आपको पसंद आया होगा। तो यह थी Sikander Porus War History। वैसे तो हम कोशिश करते हैं की हमारे द्वारा दी जाने वाली बातें एकदम सटीक हों, परंतु अगर आपको लगता है की हमारी कोई गलती हाइऔर हमने कुछ गलत लिखा है तो हुमे ज़रूर बताए नीचे दिये गए Comment Box के जरिये।

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