जयपुर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और वीरता की कहानियों से भरा है। यहाँ जयपुर के इतिहास के मुख्य बिंदु दिए गए हैं: 1. **स्थापना:** जयपुर की स्थापना **18 नवंबर 1727** को आमेर के महाराजा **सवाई जयसिंह द्वितीय** ने की थी। इससे पहले उनकी राजधानी आमेर थी, लेकिन पानी की कमी और बढ़ती आबादी के कारण उन्होंने एक नए शहर की योजना बनाई। 2. **वास्तुशिल्प और योजना:** जयपुर भारत का पहला योजनाबद्ध शहर (Planned City) माना जाता है। इसके वास्तुकार **विद्याधर भट्टाचार्य** थे, जिन्होंने इसे शिल्प शास्त्र और वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर नौ वर्गों (Nine Blocks) में विभाजित किया था। 3. **गुलाबी शहर (Pink City):** 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स (बाद में किंग एडवर्ड VII) के स्वागत के लिए महाराजा सवाई रामसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंगवा दिया था। गुलाबी रंग मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है, और तब से इसे ‘गुलाबी शहर’ कहा जाने लगा। 4. **प्रमुख स्मारक:** जयपुर अपनी ऐतिहासिक इमारतों जैसे **हवा महल**, **सिटी पैलेस**, **जंतर मंतर** (यूनेस्को विश्व धरोहर) और पास के **आमेर किले** के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। 5. **सांस्कृतिक महत्व:** यह शहर अपनी कला, हस्तशिल्प, रत्नों के व्यापार और राजस्थानी व्यंजनों के लिए जाना जाता है। 2019 में यूनेस्को ने जयपुर को इसके अद्वितीय शहरी नियोजन और वास्तुकला के लिए **विश्व धरोहर स्थल** घोषित किया।